सीखना होगा इतिहास से

सिक्खों के पांचवे गुरु थे गुरु अर्जुन देव जी। कहते हैं, गुरु अर्जुन देव जी ने अपने सम्पूर्ण जीवन में किसी को भी दुर्वचन नहीं बोला था। सहजता वह कि जब अमृतसर में हरिमन्दिर साहिब का निर्माण कराया, तो उसका शिलान्यास मुस्लिम फकीर साईं मियाँ मीर से कराया। गुरुजी साधु थे। वे धर्म की बात करते थे, आध्यात्म की बात करते थे, प्रेम की बात करते थे, सर्वधर्म सद्भाव की…

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पेशाब से खून आने का मतलब

पेशाब में जलन या उसमें से खून आ रहा हो, तो आप कत्तई इसे अनदेखी न करें। पेशाब में जलन और खून आने के कई कारण हो सकते हैं। आपको त्वरित तौर पर डॉक्‍टर की परामर्श की आवश्‍यकता होती है। पेशाब में यह समस्या आने के निम्‍नलिखित कारण हो सकते हैं: 1) यूरिन इंफेक्‍शन/यूरिनरी ट्रैक्‍ट इंफेक्‍शन (यूटीआई): महिलाओं में ये समस्‍या बहुत आम होती है। मूत्र मार्ग में संक्रमण होने…

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मिट्टी का संगीतकार रेणु

हिन्दी के कालजयी कथाकार स्वर्गीय फणीश्वर नाथ रेणु को पहला आंचलिक कथाकार माना जाता है। हिंदी कहानी में देशज समाज की स्थापना का श्रेय उन्हें प्राप्त है। उनके दो उपन्यासों – ‘मैला आंचल’, ‘परती परिकथा’ और उनकी दर्जनों कहानियों के पात्रों की जीवंतता, सरलता, निश्छलता और सहज अनुराग हिंदी कथा साहित्य में संभवतः पहली बार घटित हुआ था। हिंदी कहानी में पहली बार लगा कि शब्दों से सिनेमा की तरह…

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क्रूरता की इंतहा

नाखून काटते समय गलती से उंगली का चमड़ा छिल जाय तो काँप उठते हैं हम… आप अंदाजा लगाइए कि उस लड़के को जब 400 बार चाकुओं से काटा गया होगा तो उसे कितनी पीड़ा हुई होगी। उसकी आँखें निकाल ली गयी हैं, उसके शरीर पर तेजाब डाला गया है, एक बार कल्पना कीजिये कि वह कितना तड़पा होगा… सोच कर देखिये कि उसकी जगह आप होते तो… क्या सचमुच आपको…

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बहुत होते हैं यारों चार दिन भी

प्रेम, विरह, सौंदर्य और ज़िन्दगी की तल्खियों के एक बेहतरीन गायक रघुपति सहाय ‘फ़िराक’ गोरखपुरी को उर्दू के महानतम आधुनिक शायरों में एक माना जाता है। वे उन लोगों में एक थे जिन्होंने शायरी में नई परंपरा की बुनियाद रखी थी। जिस दौर में उन्होंने लिखना शुरू किया, उस दौर की शायरी का एक बड़ा हिस्सा परंपरागत रूमानियत और रहस्यों से बंधा था। समय की सच्चाई और लोकजीवन के विविध…

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क्या चाणक्य काल्पनिक चरित्र है ?

कुछ लोगों का मानना है कि चाणक्य एक काल्पनिक चरित्र है। इस बात के प्रमाणस्वरुप वे मेगास्थनीज को सामने लाते हैं। उनका कहना है कि मेगास्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिका में चाणक्य का कहीं जिक्र नहीं किया है। इस सम्बंध में यह अवगत कराना असंगत नहीं होगा कि इंडिका नामक पुस्तक अब अप्राप्य है। चंद्रगुप्त कालीन भारत के बारे में हमें जो भी वर्णन मिलता है, वह दूसरी यूनानी पुस्तकों…

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दिल्ली के दंगों में चांद बाबा

यह है उत्तर-पूर्व दिल्ली के दंगाग्रस्त भजनपुरा स्थित चांद बाबा की मज़ार। सदियों से सभी धर्मों के लोगों की आस्था का केंद्र रहा यह मज़ार पिछले दिनों दंगाईयों द्वारा आग के हवाले कर दिया गया था। स्थिति में सुधार होते ही कल वहां सज़दा करने पहुंची हिन्दू औरतों को देखकर सियासत और दंगाईयों की तमाम साज़िशों के बीच भी यह उम्मीद जगती है कि इस देश की गंगा-जमनी संस्कृति लोगों…

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कथा सम्राट चन्द्रगुप्त की

चन्द्रगुप्त का जन्म देने वाली मुरा नाम की एक भील महिला थी। वह धनानंद की राज्य नर्तकी थी। एक बार धनानंद ने उससे कुपित होकर उसे देश निकाला दे दिया। वह जंगल में जाकर रहने लगी। वहीं पर चंद्रगुप्त का जन्म हुआ था। मुरा नाम की दासी से पैदा होने के कारण चन्द्र गुप्त का वंश मौर्य कहलाया। कुछ मानते हैं कि चन्द्रगुप्त मौर्य मयूर टोमेर्स के मोरिया जनजाति के…

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राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

आज के दिन नोबल पुरस्कार विजेता महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी वी रमन द्वारा अपनी खोज ‘रमन इफेक्ट’ की घोषणा की गई थी। समाज को अंधविश्वास और अतार्किक सोच से बचाने और लोगों में वैज्ञानिक दृष्टि के विकास के लिए आज के दिन को विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। कुछ सालों पहले आज के ही दिन सोशल मीडिया पर अंधविश्वास के विरुद्ध एक अभियान शुरू हुआ था…

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बाल्मिकी रामायण में अहल्या की कथा

अहल्या ब्रह्मा की मानस पुत्री थीं। अ और हल्या से अहिल्या शब्द की उत्पत्ति हुई है। अ का मतलब नहीं और हल्या से तात्पर्य हल जोतने से है। कुल मिलाकर मतलब बैठा कि वह खेत जो तक जोता न गया हो। यह अहल्या के कौमार्य को दर्शाता है। अहल्या अत्यंत रुपसी थी। इन्द्र को वह भा गयी। फिर क्या था? इन्द्र पहुँच गये ब्रह्मा जी के पास। उन्होंने ब्रह्मा जी…

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