सीने में जलन आँखों में तूफान सा क्यूँ है ।

अगर आप नींद में हैं । सपना देख रहे हैं कोई राक्षस आपका पीछा कर रहा है । या आप किसी गहरे कुएँ में गिर रहे हैं । कभी अलौकिक शक्तियों का एहसास होता है तो कभी उड़ने जैसा भ्रम पैदा होता हो । तभी आपकी नींद खुल जाती है । नींद खुलने के बाद भी आप सपने से मुक्त नहीं हो पाते । आपके सीने में जकड़न होती है…

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महिला बैंक लोन वसूली गैंग ।

जी हाँ , पुरुषों द्वारा किये जाने वाला यह काम महिलाएं अब बेहतर ढंग से कर रहीं हैं । रिकवरी एजेंट हट्टे कट्ठे लोग हुआ करते थे । लेकिन एक रिकवरी एजेंसी ने एजेंट के रूप में चन्द्र बदना मृगलोचना जैसी हसीन लड़कियों का एक ग्रुप तैयार किया है । इन नाजुक और खूबसूरत हसीनों के इरादे काफी सख्त होते हैं । सिर्फ बैंकों के लिए रिकवरी का काम करने…

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प्रणय दिवस की मधुबाला !

भारत की वीनस, ब्यूटी ऑफ ट्रेजेडी, और सौंदर्य साम्राज्ञी के नाम से विख्यात अभिनेत्री मधुबाला उर्फ़ मुमताज़ बेग़म ज़हां देहलवी हिंदी सिनेमा की वह पहली अभिनेत्री थी जो अपने जीवन-काल में ही मिथक बनी। सिनेमा के परदे पर इस कदर स्वप्निल सौन्दर्य, ऐसी दिलफ़रेब अदाएं, इतनी उन्मुक्त हंसी और वैसी रहस्यमयी मुस्कान हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने उनके पहले नहीं देखी थी। उनके बाद भी शायद नहीं देख पाए। फिल्म…

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‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ द्वारा जम्मू में ‘स्वामी ब्रह्मानंद तीर्थ साहित्य सम्मान’ का आयोजन

भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए तत्पर ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ दिल्ली द्वारा 09 फरवरी को के एल सहगल हॉल, जम्मू में डोगरी साहित्यकारों के सम्मान में  ‘स्वामी ब्रह्मानंद तीर्थ साहित्य सम्मान’ का आयोजन किया गया। बताते चलें कि 09 फरवरी को के एल सहगल हॉल, जम्मू में डोगरी साहित्यकारों के सम्मान में  ‘स्वामी ब्रह्मानंद तीर्थ साहित्य सम्मान’ का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर डॉ दरख्शां अंद्राबी,…

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रूखा-सूखा, फिर भी वसंत !

वसंत प्रेम और रूमान का मौसम है। यह वह मौसम है जब प्रकृति का सौन्दर्य अपने शबाब पर होता है। प्रकृति में जब नवयौवन उतर आए तो प्रकृति की संतानें वसंत के राग से कैसे बची रह सकती है ? मान्यता है कि वसंत में लगभग सभी जीवित प्राणियों में कुछ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तन होते हैं। यह परिवर्तन सबसे ज्यादा पक्षियों और मनुष्यों में होता है। शुरुआत करते…

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आज ख़ुद को गुलाब करते हैं !

वसंत की आहट के साथ अभी पश्चिम से आयातित ‘वैलेंटाइन सप्ताह’ की शुरुआत हो रही है ! हमारे देश में इस सप्ताह का विरोध इस आधार पर होता रहा है कि प्रेम की यह अभिव्यक्ति हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। ऐसा तर्क प्रेम से वंचित अभागे लोग ही दे सकते हैं। जिस संस्कृति में प्रेम नहीं उसे अपसंस्कृति कहा जाना चाहिए। प्रेम का कोई मौका विदेशी ही सही, नफ़रतों…

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संदेसे आते हैं , हमें तड़पाते हैं ।

मेरे मेसेंजर पर लोगों के कुछ ऐसे मेसेज आते हैं , जिनका जिक्र करना मैं मुनासिब नहीं समझता । ज्यादातर ये कम उम्र के लोग होते हैं , जो दो तीन बार हाय हाय करने के बाद अवांछित तस्वीरें भेजना शुरू कर देते हैं । इन्हें मजबूरन मुझे ब्लाॅक करना पड़ता है । ऐसे लोगों की हमने पहचान कर ली है । इनकी फ्रेण्ड लिस्ट में केवल बुजुर्ग ही होते…

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अगला लोसर मनाएं ल्हासा में ।

वह मुझे श्रीनगर में मिली थी । फुटपाथ पर तिब्बती सामान बेच रही थी । मैंने मजाक में पूछा – “तिब्बत कब जा रही हो ?” उसके चेहरे पर सख्त भाव आ गये थे । मुंह लाल हो गया था । उसने बात को चबाते हुए कहा था – “हम अगला लोसर ल्हासा में मनाएंगे ।” उस दिन के बाद से हमारी उसकी कई बार मुलाकात हुई , पर मैंने…

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ततैया बैरी खा गयी रे !

कल रात की सुबह मैंने सपना देखा । ततैया मेरे सपने में आई । सुबह के वक्त नींद नहीं तंद्रा होती है । इसलिए मैं जान गया कि यह सपना है । सपने में ततैया का आना अशुभ माना जाता है । सपना देखने वाले के दुर्दिन आ जाते हैं । मैंने ततैया को डपटते हुए कहा – “तुम्हें मेरे सपने में नहीं आना चाहिए । तुम अशुभ हो “।…

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चोट ।

आई पी सी के सेक्सन 44 के अनुसार किसी भी व्यक्ति के शरीर , मन , प्रतिष्ठा या सम्पति में किसी वजह से अवैध रुप से किया गया नुकसान चोट कहलाता है । आम तौर पर चोट से अभिप्राय शरीर और मन पर लगे आघात से लगाया जाता है । शरीर पर चोट लगती है । दर्द दिल को होता है । आघात दिल पर लगता है तो भी दिल…

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