समुद्र-मंथन : भारत का पहला श्रमिक विद्रोह !

ऐसा नहीं है कि हमारे देश में इतिहास लेखन की परंपरा नहीं रही है। हुआ यह है कि घटनाओं को चमत्कारिक रूप देने, अपने आश्रयदाता राजाओं या सामंतों को अतिमानव सिद्ध करने और शत्रुओं को निकृष्ट तथा अमानवीय दिखाने की कोशिश में इतिहास को तोड़ मरोड़कर ऐसे प्रस्तुत किया गया कि तर्क और विवेक की कसौटी पर वह कपोल कल्पनासे ज्यादा कुछ नहीं लगता। हमारे पुराण वस्तुतः इतिहास ही हैं।…

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देवी या शैतान की बेटी ?

‘महिला दिवस’ पर स्त्री सशक्तिकरण की तमाम चर्चाओं के बीच कुछ सवाल हमेशा से अनुत्तरित रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं कि समानता के संघर्ष में स्त्रियों ने लंबा रास्ता तय किया है। स्त्रियां अब मानसिक मजबूती के साथ आर्थिक स्वतंत्रता भी हासिल करने लगी हैं। उनके प्रति पुरुषों के दृष्टिकोण में बदलाव जरूर आया है, लेकिन यह बदलाव बहुत सीमित और बाहरी ज्यादा है। दरअसल स्त्रियों की असमानता की…

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सतबहना ।

satbahnaसत बहना नाम तो इन्हें अंग्रेजी में दिया गया है, क्योंकि ग्रे रंग की ये चिड़िया हमेशा छः से ज्यादा के झुण्ड में रहती है । चंबल में इन्हें सतबहना के नाम से ही जाना जाता है। जबकि इनका जूलॉजिकल नाम ग्रे बेबलर है। इनकी चहचहाहट से चंबल की घाटी गूंजती है। इन सात चिड़ियों के झुंड चंबल के किनारे जल-किलोल भी करते देखे जाते हैं। जबकि देवरी के डॉल्फिन-घड़ियाल…

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सर्जिकल स्ट्राइक ।

सर्जिकल स्ट्राइक अपनी सीमा पार कर दुश्मन की सीमा में की गयी सैन्य कार्रवाई होती है , जो पूरी तरह गोपनीय होती है । इसमें दुश्मन की सेना , उनके बंकर और उनके अन्य एसेसमेण्ट को बरबाद करना होता है । इसमें अपनी सुरक्षा का ध्यान भी रखा जाता है । टारगेट को बरबाद करने के बाद अपने इलाके में सुरक्षित लौट आना मिशन की कामयाबी माना जाता है ।…

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सीने में जलन आँखों में तूफान सा क्यूँ है ।

अगर आप नींद में हैं । सपना देख रहे हैं कोई राक्षस आपका पीछा कर रहा है । या आप किसी गहरे कुएँ में गिर रहे हैं । कभी अलौकिक शक्तियों का एहसास होता है तो कभी उड़ने जैसा भ्रम पैदा होता हो । तभी आपकी नींद खुल जाती है । नींद खुलने के बाद भी आप सपने से मुक्त नहीं हो पाते । आपके सीने में जकड़न होती है…

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महिला बैंक लोन वसूली गैंग ।

जी हाँ , पुरुषों द्वारा किये जाने वाला यह काम महिलाएं अब बेहतर ढंग से कर रहीं हैं । रिकवरी एजेंट हट्टे कट्ठे लोग हुआ करते थे । लेकिन एक रिकवरी एजेंसी ने एजेंट के रूप में चन्द्र बदना मृगलोचना जैसी हसीन लड़कियों का एक ग्रुप तैयार किया है । इन नाजुक और खूबसूरत हसीनों के इरादे काफी सख्त होते हैं । सिर्फ बैंकों के लिए रिकवरी का काम करने…

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प्रणय दिवस की मधुबाला !

भारत की वीनस, ब्यूटी ऑफ ट्रेजेडी, और सौंदर्य साम्राज्ञी के नाम से विख्यात अभिनेत्री मधुबाला उर्फ़ मुमताज़ बेग़म ज़हां देहलवी हिंदी सिनेमा की वह पहली अभिनेत्री थी जो अपने जीवन-काल में ही मिथक बनी। सिनेमा के परदे पर इस कदर स्वप्निल सौन्दर्य, ऐसी दिलफ़रेब अदाएं, इतनी उन्मुक्त हंसी और वैसी रहस्यमयी मुस्कान हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने उनके पहले नहीं देखी थी। उनके बाद भी शायद नहीं देख पाए। फिल्म…

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‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ द्वारा जम्मू में ‘स्वामी ब्रह्मानंद तीर्थ साहित्य सम्मान’ का आयोजन

भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए तत्पर ‘सर्व भाषा ट्रस्ट’ दिल्ली द्वारा 09 फरवरी को के एल सहगल हॉल, जम्मू में डोगरी साहित्यकारों के सम्मान में  ‘स्वामी ब्रह्मानंद तीर्थ साहित्य सम्मान’ का आयोजन किया गया। बताते चलें कि 09 फरवरी को के एल सहगल हॉल, जम्मू में डोगरी साहित्यकारों के सम्मान में  ‘स्वामी ब्रह्मानंद तीर्थ साहित्य सम्मान’ का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर डॉ दरख्शां अंद्राबी,…

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रूखा-सूखा, फिर भी वसंत !

वसंत प्रेम और रूमान का मौसम है। यह वह मौसम है जब प्रकृति का सौन्दर्य अपने शबाब पर होता है। प्रकृति में जब नवयौवन उतर आए तो प्रकृति की संतानें वसंत के राग से कैसे बची रह सकती है ? मान्यता है कि वसंत में लगभग सभी जीवित प्राणियों में कुछ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तन होते हैं। यह परिवर्तन सबसे ज्यादा पक्षियों और मनुष्यों में होता है। शुरुआत करते…

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आज ख़ुद को गुलाब करते हैं !

वसंत की आहट के साथ अभी पश्चिम से आयातित ‘वैलेंटाइन सप्ताह’ की शुरुआत हो रही है ! हमारे देश में इस सप्ताह का विरोध इस आधार पर होता रहा है कि प्रेम की यह अभिव्यक्ति हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। ऐसा तर्क प्रेम से वंचित अभागे लोग ही दे सकते हैं। जिस संस्कृति में प्रेम नहीं उसे अपसंस्कृति कहा जाना चाहिए। प्रेम का कोई मौका विदेशी ही सही, नफ़रतों…

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