चिंतन

भागी हुई लड़कियों का बाप

वह इस दुनिया का सबसे अधिक टूटा हुआ व्यक्ति होता है। पहले तो वह महीनों तक घर से निकलता नहीं है, और फिर जब निकलता है तो हमेशा सर झुका कर चलता है। अपने आस-पास मुस्कुराते हर चेहरों को देख कर उसे लगता है जैसे लोग उसी को देख कर हँस रहे हैं। वह जीवन भर किसी से तेज स्वर में बात नहीं करता, वह डरता है कि कहीं कोई…

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गंगा दशहरा और मरती हुई गंगा !

आज गंगा दशहरा है। हमारे पूर्वज राजा भगीरथ की वर्षों की तपस्या के बाद गंगा के स्वर्ग यानी हिमालय से पृथ्वी पर अवतरण का दिन। राजा भगीरथ एक लोक कल्याणकारी शासक थे। उन्होंने संभवतः सूखे और पानी की कमी से मरती अपनी प्रजा के कल्याण के लिए हिमालय से गंगा के समतल भूमि पर आने का मार्ग खुलवाया और प्रशस्त किया होगा। इस विराट कार्य में कितना जनबल, कितना अभियांत्रिक…

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बिहार में एनडीए सरकार का बड़ा फैसला, अब माता-पिता की सेवा नहीं की, तो जाना होगा जेल

  बिहार कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में फैसला लिया गया कि बिहार में रहने वाली संतान अगर अब मां-पिता की सेवा नहीं करेंगे तो उनको जेल की सजा हो सकती है। माता-पिता की शिकायत मिलते ही ऐसी संतान पर कार्रवाई होगी। माता पिता भगवन का स्वरूप होते है परन्तु आज के युग में बच्चे उनको, उनके ही घर से बेघर करने पर तुले हुए है ।

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असली वाला “मौत का सौदागर” : “गांवों में भी बोतलबन्द पानी”

एक सरल सवाल है। अगर कोई देश अपनी आधी से अधिक आबादी को पीने का पानी मुहैय्या नहीं करा सकती, तो क्या वैसे देश को फेल्ड स्टेट मान लेना चाहिए? अगर जवाब नकारात्मक है तो भी ऐसा होना तय है। बस समय थोडा और अधिक लग जाए। ये अलग बात है कि हम शुतरमुर्ग बने हुए है। लेकिन, गढ्ढे में सिर धंसा लेने से शुतर्मुर्ग कहां बच पाता है? पिछले…

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देवी या शैतान की बेटी ?

‘महिला दिवस’ पर स्त्री सशक्तिकरण की तमाम चर्चाओं के बीच कुछ सवाल हमेशा से अनुत्तरित रहे हैं। इसमें कोई शक नहीं कि समानता के संघर्ष में स्त्रियों ने लंबा रास्ता तय किया है। स्त्रियां अब मानसिक मजबूती के साथ आर्थिक स्वतंत्रता भी हासिल करने लगी हैं। उनके प्रति पुरुषों के दृष्टिकोण में बदलाव जरूर आया है, लेकिन यह बदलाव बहुत सीमित और बाहरी ज्यादा है। दरअसल स्त्रियों की असमानता की…

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सीने में जलन आँखों में तूफान सा क्यूँ है ।

अगर आप नींद में हैं । सपना देख रहे हैं कोई राक्षस आपका पीछा कर रहा है । या आप किसी गहरे कुएँ में गिर रहे हैं । कभी अलौकिक शक्तियों का एहसास होता है तो कभी उड़ने जैसा भ्रम पैदा होता हो । तभी आपकी नींद खुल जाती है । नींद खुलने के बाद भी आप सपने से मुक्त नहीं हो पाते । आपके सीने में जकड़न होती है…

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संदेसे आते हैं , हमें तड़पाते हैं ।

मेरे मेसेंजर पर लोगों के कुछ ऐसे मेसेज आते हैं , जिनका जिक्र करना मैं मुनासिब नहीं समझता । ज्यादातर ये कम उम्र के लोग होते हैं , जो दो तीन बार हाय हाय करने के बाद अवांछित तस्वीरें भेजना शुरू कर देते हैं । इन्हें मजबूरन मुझे ब्लाॅक करना पड़ता है । ऐसे लोगों की हमने पहचान कर ली है । इनकी फ्रेण्ड लिस्ट में केवल बुजुर्ग ही होते…

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बाजत ताल पखावज बीना

मृदंग का इतिहास बहुत हीं प्राचीन है । कहते हैं कि इसकी रचना त्रिपुरासुर की खून सनी मिट्टी से स्वंय ब्रह्मा जी ने तैयार की थी । मृदंग मिट्टी का बना होने के कारण इसके टूटने का खतरा बहुत था । अमीर खुसरो भी अक्सर मृदंग बजाया करते थे । एक बार असावधानी वश यह टूट गया । अमीर खुसरो ने दोनों टुकड़ों से एक नया वाद्य बनाया । इस…

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टूटता बिखरता परिवार ।

लोग संयुक्त परिवार की महत्ता को भूलते जा रहे हैं । अब एकल परिवार का चलन शुरु हो गया है । पति पत्नी और बच्चे । यही आज के परिवार की गिनती है । एकल परिवार की संख्या पांच के आस पास रहती है । एकल परिवार में बुजुर्गों का कोई काॅलम नहीं होता । या तो बुजुर्ग इस एकल परिवार के लिए फिट नहीं बैठते या खुद उनको अपने…

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प्लास्टिक का नर्क !

देश के कई राज्यों में प्लास्टिक या पोलीथिन कैरी बैग पर प्रतिबंध तो है, लेकिन जनजागृति के अभाव में जमीन पर इसका असर कम ही देखा जा रहा है। पृथ्वी के पर्यावरण को बिगाड़ने में इनकी बहुत बड़ी भूमिका है। एक पोलिथिन बैग तैयार करने के लिए सिर्फ चौदह सेकंड ही चाहिए, लेकिन इसे नष्ट होने में चौदह हजार साल तक लग सकते है। एक बार प्रयोग कर फेंके गए…

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