चिंतन

आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया…

आज भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की वर्षगाँठ है। यहीं मिथिला की ही थीं सीता, नाता जोड़ दूँ तो बुआ निकल आएंगी। एक पीढ़ी पहले तक हमारे बुजुर्ग अवध वालों से इसी नाते को लेकर ठिठोली करते थे। ठीक भी है, विवाह मात्र दो व्यक्तियों या एक पीढ़ी का सम्बन्ध नहीं जोड़ता, वह युगों युगों तक के लिए सम्बन्ध जोड़ता है। जानते हैं, विवाह के समय वर-बधु को…

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कैसे बचेंगी हमारी बेटियां ?

अभी तेलंगाना में जिस तरह डॉ. प्रियंका रेड्डी के साथ कुछ अपराधियों ने सामूहिक दुष्कर्म कर उसे जिंदा जला दिया, उससे पूरा देश सदमे में है। हाल के वर्षों में ऐसी असंख्य लोमहर्षक ख़बरों के साथ जीने को हम अभिशप्त रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे हम यौन मनोरोगियों के देश में हैं जिसमें रहने वाली समूची स्त्री जाति के अस्तित्व और अस्मिता पर घोर संकट उपस्थित है। आज…

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टीन के बाक्स के साथ सफर (3)

रात को दो/तीन बजे ट्रेन अम्बाला कैण्ट पहुँची। अब तक बाक्स की कोई खोज खबर नहीं ली गयी थी। यहां तो उतरना था। अब तो बाॅक्स की खैर खबर लेना जरुरी हो गया था। इलेक्ट्रीशियन भीड़ में घुसा। फर्श पर बैठे लोगों ने कह दिया कि बाॅक्स यहां नहीं है। लोड करते समय मैंने खुद ही देखा था। कुली उसे सीट के नीचे रख मुझे ताकीद भी कर गया था।…

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बादलों के देश में कूड़ा !

मसूरी से करीब 22 किमी की चढ़ाई के बाद 400 एकड़ में फैला हुआ जॉर्ज एवरेस्ट का इलाका इस पूरी घाटी का सबसे खूबसूरत क्षेत्र है। बादलों का देश कही जाने वाली इस घाटी से गुजरना बादलों का सीना चीरकर रास्ता बनाने जैसा है। यहां बेहद खूबसूरत घाटी भी है, जंगल भी, कलात्मक चट्टानें भी और दूर हिमालय की हिमाच्छादित पर्वत श्रृंखला का मनोरम दृश्य भी। जॉर्ज एवरेस्ट उन्नीसवीं सदी…

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खूबसूरत लोकतंत्र बनाम अज्ञानता…

देश मे मंदी आ रही है, फेसबुक पर लोग बेचैन है। धड़ाधड़ लेख लिखे जा रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों की आलोचना हो रही है। लोग सजग हैं। कुछ दिनों पूर्व मुझे एक कार्यक्रम में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। विषय था, “गरीबी कैसे मिटायें।” दुर्भाग्य से उस दिन मेरी साइकिल पंचर हो गयी और मेरे पास उसे ठीक कराने के पैसे नहीं थे। हम नहीं जा…

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प्रेम की पूर्णता भारत के सिवा कहीं नहीं

मनुष्य की पूर्णता कब है, जानते हैं? मनुष्य की पूर्णता तब है, जब अज्ञानी पशु भी उसको देख कर, उससे मिल कर आनंद का अनुभव करने लगे। जब किसी को आपसे कोई भय नहीं हो, जब सबके लिए आप प्रेम स्वरूप हों, तब आप पूर्ण हो जाते हैं। मानवता के अलग-अलग मापदण्डों पर ध्यान दीजिए, आप समझ जाएंगे कि भारत को विश्व गुरु क्यों कहा जाता था। मानवता की यूरोपीय…

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न जाने यह चाइनीज अफीम का नशा कब उतरेगा ?

हमारा चन्द्रयान मिशन अपने लक्ष्य से भटक गया है, तो हमारे ही देश के कुछ रहमान, फारुख, खान और बनर्जी इस बात का जश्न मना रहे हैं। हमारे देश के भीतर ही अघोषित रूप से एक दूसरा देश रहता है जो हमारी असफलताओं पर जश्न मनाता है, खुश होता है। ये वही लोग हैं जो देश के पूर्व प्रधानमंत्री की मृत्यु पर उन्हें गाली देते हैं, प्रधानमंत्री की मृत्यु के…

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अपनी पृथ्वी की चिंता करें और चांद को उसके हाल पर छोड़ दें: ध्रुव गुप्त

चंद्रयान-दो की चांद की सतह के बिल्कुल पास पहुंचकर आख़िरी पलों में उसे छू न पाने की असफलता कोई बड़ा मसला नहीं है।इश्क़ की तरह विज्ञान भी ऐसी कई असफल कोशिशों से ही मंज़िल तक पहुंचता है। हमारे वैज्ञानिक सक्षम हैं और भविष्य में वे चांद ही नहीं, और कई-कई ग्रहों-उपग्रहों तक पहुंच सकते हैं। सवाल इतना भर है कि चांद पर पहुंचकर हम हासिल क्या करेंगे ? यह संतोष…

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गोकुल रोया कृष्ण के लिए लेकिन नंद…?

कृष्ण गोकुल से जा चुके थे, और साथ ही गोकुल से जा चुका था आनंद। लोगों की हँसी जा चुकी थी, आपसी चुहल जा चुकी थी, पर्व-त्योहार-उत्सव जा चुके थे। गोकुल में यदि कुछ बचा था तो केवल सिसकियां और आह बची थी। पूरे गोकुल में एक ही व्यक्ति था जो सबकुछ सामान्य करने का प्रयत्न करता फिरता था, वे थे नंद। किसी ने उन्हें उदास नहीं देखा, किसी ने…

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भागी हुई लड़कियों का बाप

वह इस दुनिया का सबसे अधिक टूटा हुआ व्यक्ति होता है। पहले तो वह महीनों तक घर से निकलता नहीं है, और फिर जब निकलता है तो हमेशा सर झुका कर चलता है। अपने आस-पास मुस्कुराते हर चेहरों को देख कर उसे लगता है जैसे लोग उसी को देख कर हँस रहे हैं। वह जीवन भर किसी से तेज स्वर में बात नहीं करता, वह डरता है कि कहीं कोई…

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