जन सरोकार

40 में 39 फिर भी बदहाल बिहार

मित्रों, अगर हम २००५ से २०१० के कालखंड को अलग कर दें तो बिहार में २०१० से ही जंगलराज पार्ट २ चल रहा है. बीच में जब २०१४ का लोकसभा चुनाव आया तब बिहारियों के मन में जरूर लड्डू फूटने लगे. खुद प्रधानमंत्री के उम्मीदवार ने वादा किया था कि अब बिहारियों को बिहार से बाहर जाकर काम करने की जरुरत नहीं होगी क्योंकि वे चाहते हैं कि भारत का…

Posted in जन सरोकार, सामान्य | Tagged , , , | Leave a comment

रवि किशन ने संसद मे उठाई भोजपुरी के लिए आवाज और आठवी अनुसूची मे शामिल करने की माँग

नयी दिल्ली : गोरखपुर के नवनिर्वाचित भाजपा सासंद और भोजपुरी, हिन्दी सिनेमा के अभिनेता रवि किशन ने संसद भवन मे भोजपुरी को‌ आठवीं अनुसूची मे शामिल करने का मुद्दा उठाया । उन्होंने कहा कि भोजपुरी दुनिया भर मे 20 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा है । इसको माॅरिसस और नेपाल मे स्वतंत्र भाषा के रुप में मान्यता प्राप्त है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एक भोजपुरी क्षेत्र का…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , | Leave a comment

आर्टिकल 15 A के खिलाफ देश भर के ब्राह्मणों में रोष, कई शहरों में मुकदमा दर्ज

आर्टिकल 15 A का मतलब होता है :- “धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर राज्य अपने किसी भी नागरिक से कोई भेदभाव नहीं करेगा”। मौजूदा दौर में संविधान के इस आर्टिकल पर फ़िल्म के बहाने हो रही बहस को कुछ लोग ज़रूरी मान रहे हैं। इसी विषय पर आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी फिल्म ‘आर्टिकल 15’ में अपने दबंग पुलिस वाले रोल के…

Posted in जन सरोकार | Tagged , | Leave a comment

फिजी द्वीप पर हिंदी का अलख जगाते गिरमिटिया

बात उन दिनों की है , जब कहा जाता था कि ब्रिटिश – सूरज कभी अस्ताचल गामी नहीं होता । उसी क्रम में फिजी पर भी ब्रिटिश का अधिपत्य था । यहाँ की मुख्य फसल गन्ना के उत्पादन हेतु मजदूरों की समस्या विकट थी । फिजी की आदिम जातियों का रुझान गन्ने के उत्पादन की तरफ नहीं था . वे शिकार , जंगली फल व शहद के शौक़ीन थे ।…

Posted in जन सरोकार, मंथन | Tagged , , , , , | Leave a comment

प्रणय दिवस की मधुबाला !

भारत की वीनस, ब्यूटी ऑफ ट्रेजेडी, और सौंदर्य साम्राज्ञी के नाम से विख्यात अभिनेत्री मधुबाला उर्फ़ मुमताज़ बेग़म ज़हां देहलवी हिंदी सिनेमा की वह पहली अभिनेत्री थी जो अपने जीवन-काल में ही मिथक बनी। सिनेमा के परदे पर इस कदर स्वप्निल सौन्दर्य, ऐसी दिलफ़रेब अदाएं, इतनी उन्मुक्त हंसी और वैसी रहस्यमयी मुस्कान हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने उनके पहले नहीं देखी थी। उनके बाद भी शायद नहीं देख पाए। फिल्म…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , , , , , | Leave a comment

चोट ।

आई पी सी के सेक्सन 44 के अनुसार किसी भी व्यक्ति के शरीर , मन , प्रतिष्ठा या सम्पति में किसी वजह से अवैध रुप से किया गया नुकसान चोट कहलाता है । आम तौर पर चोट से अभिप्राय शरीर और मन पर लगे आघात से लगाया जाता है । शरीर पर चोट लगती है । दर्द दिल को होता है । आघात दिल पर लगता है तो भी दिल…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , , | Leave a comment

आई हिचकी , हिचकी आई ।

हिचकी आना आम बात है । जब आप मिर्च व मसालेदार युक्त भोजन करते हैं , कार्बोनेटेड पेय पीते हैं , शराब , सिगरेट , बीड़ी और हुक्के के मार्फत अपने अंदर निकोटिन इनहेल करते हैं तो हिचकी आती है । च्यूइंगम चबाने से भी हिचकी आती है । हिचकी का कोई असरदार उपचार अभी तक इजाद नहीं हुआ है । लेकिन कुछ घरेलू नुस्खें हैं जिनकी मदद से इस…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , , | Leave a comment

छेराछेरा कोठी का धान ला हेर हेरा के ।

ऐसा कहा जाता है कि छत्तीस गढ़ के राजा कल्याण शाह को मुगल बादशाह अकबर ने शाहजादे सलीम को राज काज का ज्ञान देने के लिए दिल्ली बुलाया था । उन्हें वहां रहते तकरीबन आठ साल हो गये थे । जब कल्याण शाह दिल्ली से रतनपुर लौटे तो लोग उनकी आगवानी के लिए नगर के बाहर खड़े थे । राजा को प्रजा ने फूलों से लाद दिया । उनको बाजे…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , , , , , | Leave a comment

समाजवाद के अग्रदूत – महाराज अग्रसेन .

आज से तकरीबन 5 हज़ार वर्ष पूर्व सूर्यवंशीय क्षत्रिय राम की वंश परम्परा के 34 वीं पीढ़ी में महाराज अग्रसेन का जन्म हुआ था । इनके पिता का नाम बल्लभसेन और माता का नाम भगवती था । ये ज्येष्ठ पुत्र थे । इसलिए महाराज बल्लभ सेन इनको सत्ता सौंप स्वयं वानप्रस्थी हो गए थे । नागराज की कन्या माधवी के स्वयम्बर में महाराज अग्रसेन भी आमन्त्रित थे ।माधवी के रूप…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , , , | Leave a comment

सादगी का दीपक – महारानी अहिल्या बाई होल्कर

अहिल्या बाई होल्कर का जन्म 31मई सन् 1725 को चाउड़ी ( चांदवड़ ) अहमदनगर महाराष्ट्र में हुआ था । इनके पिता का नाम मानकोजी शिंदे था । मानकोजी शिंदे एक अति साधारण परिवार से थे , पर संस्कारी थे । उन्होंने अहिल्याबाई में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण किया था । इंदौर राज्य के संस्थापक मल्हार राव होल्कर को अपने पुत्र खण्डे राव के लिए एक अच्छी संस्कारी बहु चाहिए थी…

Posted in जन सरोकार | Tagged , , , , , | Leave a comment