धरोहर

खैबर दर्रा – यादों के झरोखों से .

खैबर दर्रा को भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता था । इसी प्रवेश द्वार से अफ़्रीकी मानव भारत में प्रवेश कर सभ्यता के कई सोपानों को चढ़ता हुआ आज इस स्तर पर पहुँचा है । इसी मार्ग द्वारा पहुँच कर पँजाब में ऋग्वेद की रचना हुई थी । इसी दर्रे से पहुँच कर सिकन्दर , मुहम्मद गोरी , तैमूर ,बाबर , नादिर शाह , अहमद शाह अब्दाली आदि आक्रांताओं ने…

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सबका अपना सावन !

सावन का आरम्भ हो गया है। सावन बारिशों का महीना है जब महीनों की झुलसाती धूप और ताप से बेचैन धरती की प्यास बुझती हैं। सावन जहां पृथ्वी और बादल मिलकर सृष्टि और हरियाली के नए-नए तिलिस्म रचते हैं। सावन की झोली में सबके लिए कुछ न कुछ है। कृषकों के लिए यह धरती की गोद में फसल के साथ सपने बोने का का महीना है। प्रेमियों के लिए यह…

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भोजपुरी के प्रथम आचार्य कवि : पण्डित धरीक्षण मिश्र

साहित्य अकादेमी द्वारा प्रकाशित विनिबंध ‘भारतीय इतिहास के निर्माता धरीक्षण मिश्र’ में डॉ वेदप्रकाश पाण्डेय जी ‘अपने ‘आचार्यत्व’ खंड में लिखते हैं कि धरीक्षण मिश्र भोजपुरी भाषा और साहित्य के पहले ऐसे समर्थ कवि हैं, जिन्होंने कवि-कर्म के साथ-साथ अलंकार-शास्त्र का प्रणयन किया है। अनेक यशस्वी लेखक और कवि हुए हैं, किन्तु केशवदास जैसा कोई आचार्य कवि नहीं हुआ। इस भाषा में इस आभाव की पूर्ति हुई धरीक्षण मिश्र से। धरीक्षण…

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ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया

ग़ज़ल गायिकी की विधा को जिन कुछ लोगों ने जान और हुस्न बख़्शा, उनमें अख्तरी बाई फैजाबादी उर्फ़ बेग़म अख्तर का नाम सबसे पहले आता है। पिछली सदी के तीसरे दशक में जब उन्होंने संगीत की महफ़िलों में शिरक़त शुरू की, वह दौर वह उस ज़माने की बेहतरीन गायिकाओं – गौहर जान और जानकी बाई छप्पनछुरी के अवसान का दौर था। अपनी अलग आवाज़, शालीनता और मंचों पर अपनी गरिमामयी…

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गोवा की क्या करें बात , इसकी हर बात निराली-3

संत फ्रांसिस जेवियर्स का जन्म स्पेन में हुआ था । बड़े होने पर ये धर्मगुरू बने । पुर्तगाल के राजा जाॅन तृतीय ने उन्हें ईसाई मत के प्रसार के लिए भारत के गोवा भेजा । 1542 में संत गोवा पहुंचे । ईसाई धर्म के प्रचार के 10 साल के दौरान 1552 में उनकी मौत हो गयी थी । आज भी उनका शव गोवा के बोमा जीसस चर्च में सुरक्षित रखा…

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अहमदाबाद में किया बुलेट ट्रेन के सपने का शिलान्यास,”एक तरह से ‘मुफ्त’ में मिल रही बुलेट ट्रेन” मोदी ने दिया तर्क

गुजरात के अहमदाबाद में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ मिलकर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का शिलान्यास कर दिया है। इस मौके पर दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने एक दूसके की जमकर सराहना की है। जहां शिंजो आबे ने पीएम मोदी को ग्लोबल और दूरदर्शी नेता बताया वहीं पीएम मोदी ने भी इस प्रोजेक्ट के लिए शिंजो आबे का आभार व्यक्त किया है। इस मौके पर…

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नरेन्द्र मोदी व जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे का अाज से गुजरात दौरा ,पहली बार देश की किसी मस्जिद में जाएंगे मोदी

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के स्वागत के लिए गुजरात तैयार है जो आज से यहां दो दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वह भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना की आधार-शिला रखेंगे।भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 3.30 बजे अपने गृह राज्य गुजरात में शिंजो आबे का स्वागत करेंगे। वो सीधे गुजरात आएंगे और पीएम मोदी के साथ एक रोडशो में हिस्सा लेंगे। दोनों नेता अहमदाबाद एयरपोर्ट से महात्मा…

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जानिए अभी के समय के भौतिकी विज्ञान के सबसे बड़े वैज्ञानिक स्टीफन हाॅकिंग को

आधुनिक वैज्ञानिक गैललियो का जन्म 8 जनवरी 1642 को हुआ था । ठीक तीन सौ साल बाद स्टीफन हाॅकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को हुआ । स्टीफन हाॅकिंग जब 21 साल के थे तब सीढ़ियों से उतरते वक्त उन्हें चक्कर आ गया । उस समय घर वालों ने समझा कि कमजोरी के कारण चक्कर आया होगा । लेकिन उस दिन के बाद से जब चक्कर के क्रम अनवरत होने…

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एक था टाइगर-मेजर ध्यानचंद

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जन्मतिथि 29 अगस्त को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता हैं। देश को तीन ओलिंपिक खेलों – 1928 के एम्सटर्डम ओलंपिक, 1932 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक एवं 1936 के बर्लिन ओलंपिक में तीन-तीन स्वर्ण पदक दिलाने वाले ध्यानचंद देश के सर्वकालीन महानतम खिलाड़ी माने जाते हैं। दूसरा विश्व यदि युद्ध न हुआ होता तो छह ओलिंपिक में शिरकत करने वाले वे दुनिया…

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गणेश होने का अर्थ

आज गणेश चतुर्थी है – हमारे सबसे विचित्र पौराणिक देवता गणेश का जन्मदिन। महाराष्ट्र सहित देश के कई भागों में भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित की जाती है और नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद दसवे दिन समारोहपूर्वक उनका विसर्जन किया जाता है। गणेश वस्तुतः व्यक्ति नहीं, प्रकृति की शक्तियों के रूपक हैं। यह रूपक देखने में जितना अजीब लगे,उसमें जीवन के कई गहरे अर्थ छुपे हैं। हमारे पूर्वजों ने…

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