मंथन

बिरसा मुंडा : आदिवासियों और स्वतंत्रता के महानायक

‘अबुआ दिशुम अबुआ राज’ यानि ‘हमारा देश, हमारा राज’ “मैं तुम्हें अपने शब्द दिये जा रहा हूं, उसे फेंक मत देना, अपने घर या आंगन में उसे संजोकर रखना। मेरा कहा कभी नहीं मरेगा। उलगुलान! उलगुलान! और ये शब्द मिटाए न जा सकेंगे। ये बढ़ते जाएंगे। बरसात में बढ़ने वाले घास की तरह बढ़ेंगे। तुम सब कभी हिम्मत मत हारना। उलगुलान जारी है।” ये पंक्तियां जेल जाते समय बिरसा ने…

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फितूर होता है हर उम्र में जुदा जुदा ।

फितूर अरबी का शब्द है । फितूर का शाब्दिक मतलब तो पागलपन होता है , पर फितूर रखने वाले को हम पागल नहीं कह सकते । वैसे फितूर रखने वाले लोग जुनूनी होते हैं । वे अपने फितूर के लिए पागलपन की हद तक जा सकते हैं , लेकिन वे पागलपन की हद को पार नहीं करते । वे अपनी हद में रहते हैं । पूरे होशो हवाश में रहते…

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लोग क्या कहेंगे ?

आजकल की सबसे बड़ी बीमारी है – लोग क्या कहेंगे ? यह वाक्य हमारे जेहन में इस तरह रच बस गया है कि इसे निकालना नितांत हीं मुश्किल है । आपने वह मशहूर कहानी जरुर सुनी होगी जिसमें बाप बेटे एक गधे के साथ सफर कर रहे होते हैं । लोगों के कहने पर कभी बाप गधे पर बैठा तो कभी बेटा । कभी दोनों एक साथ बैठे । फिर…

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गाँव उजड़ा – इज़्ज़त व सम्मान के वास्ते

बात सन् 1825 की है । जैसलमेर से 18 km दूर एक गाँव होता था । गाँव का नाम कुलधारा था । इस गाँव में पालीवाल ब्राह्मणों का निवास था । ये किसानी के साथ साथ भवन निर्माण की कला में भी पारंगत थे । जैसलमेर राजघराने को सबसे ज्यादा राजस्व इसी गाँव से मिलता था ।सब कुछ शांति से गुजर रहा था कि अचानक इस गाँव की शांति को…

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द्वितीय विश्व युद्ध की भारतीय मूल की महिला जासूस – नूर इनायत खान

नूर इनायत खान का जन्म 1 जनवरी सन् 1914 को मास्को में हुआ था । उनके पिता हज़रत इनायत खान टीपू सुल्तान के पड़पोते और माँ एक अमरीकी महिला थीं । पिता सूफी परम्परा के फ़क़ीर थे और विदेशों में सूफी सम्प्रदाय के प्रचार प्रसार के लिए गए थे । नूर इनायत खान का परिवार बाद में रूस छोड़ इग्लैंड होता हुआ फ़्रांस में जाकर बस गया था । नूर…

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घूम रहे विषधर बस्ती में , देखो कहीं सपेरा है क्या ?

श्याम सखा के इस शेर में सपेरे की ढूंढ तो आस्तीन के साँप को पकड़ने के लिए की जा रही है । आज तक आस्तीन के साँप को कोई सपेरा नहीं पकड़ सका है ।आस्तीन के साँप का काटा आदमी तो पानी भी नहीं माँगता । इसलिए हम न तो इस साँप की बात करेंगे और इनको न पकड़ पाने वाले सपेरों की बात करेंगें । आज हम उन सपेरों…

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बलराम – एक बहु आयामी उपेक्षित व्यक्तित्व

बलराम कृष्ण के सौतेले भाई और वासुदेव व रोहिणी के पुत्र थे । उनकी अपनी एक बहन थी , जिसका नाम सुभद्रा था । बलराम सुभद्रा का विवाह दुर्योधन से करना चाहते थे , पर कृष्ण जानते थे कि सुभद्रा अर्जुन को चाहती थी । अतः वही हुआ जो कृष्ण और अर्जुन चाहते थे ।सुभद्रा का अर्जुन से कृष्ण ने अपहरण करवा कर अपनी बात ऊपर रखी । जहाँ ज्यादा…

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हिटलर व स्वस्तिक ।

हिटलर का मानना था कि आर्य जर्मनी के बाशिंदे थे और जर्मनी से जा कर हीं आर्यों ने भारत पर आक्रमण किया था । इसलिए हिटलर ने भारतीय आर्यों के शुभ चिन्ह स्वस्तिक को अपनी सेना के ध्वज पर लगाया था । उसका मानना था कि वह दिन दूर नहीं जब आर्यों के स्वस्तिक ध्वज के नीचे पूरी दुनियाँ आ जायेगी । स्वस्तिक का अर्थ मंगल होता है । सु…

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गांधी की लाठी ।

घोरघट गांव मुंगेर जिले में है । इस गांव में गांधी जी 12 अक्टूबर 1934 को पधारे थे । वे कलकत्ता के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेकर गंगा तट पर स्थित इस गांव के बलुआ घाट पर उतरे थे । उनके साथ उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी भी थीं । आस पास के 25 गांवों से लोग गांधी जी से मिलने पहुंचे थे । गांधी जी तकरीबन 4 घंटे…

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प्रथम महिला अंतरिक्ष पर्यटक थीं अनुशेहा अंसारी ।

अनुशेहा अंसारी का जन्म ईरान के मशहद में 12 सितम्बर 1966 को हुआ था । 1979 में हुई ईरान क्रांति के पांच साल बाद 1984 में अनुशेहा अंसारी का पूरा परिवार अमेरिका शिफ्ट कर गया था। अमेरिका जाकर अनुशेहा अंसारी ने कम्प्यूटर साईंस और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की । इसी दौरान अनुशेहा अंसारी की मुलाकात हामिद अंसारी से हुई । दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और इन दोनों…

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