मंथन

मैंने हर बार जूतों को रफीक समझा है ।

आपको वह दृश्य याद होगा कि किस तरह एक पत्रकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति पर दो बार जूते फेंके थे । हालाँकि दोनों बार निशाना चूक गया था , पर वह पत्रकार रातों रात स्टार बन गया था । उसके जूते भी अमर हो गये । जूतों बनाने वाली कम्पनियों में इस बात का श्रेय लेने की होड़ मच गयी कि वह उन्हीं के ब्राण्ड का जूता था । लेकिन…

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अंतहीन प्रतीक्षा की अधूरी कविता !

भारतीय इतिहास के मध्यकाल में प्रेम की अप्रतिम गायिका मीराबाई के अलावा प्रेम की दीवानी एक और कवयित्री भी हुई थी जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। प्रेम की गहन संवेदना, दर्द और अंतहीन प्रतीक्षा को अलफ़ाज़ देने वाली यह कवयित्री थी सत्रहवीं सदी की मुग़ल शहजादी, औरंगज़ेब की बड़ी बेटी जेबुन्निसा। मुग़ल खानदान में उसके आखिरी शासक बहादुर शाह जफर के अलावा जेबुन्निसा ही ऐसी…

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तानाशाह मुसोलिनी का दुःखद अंत ।

मुसोलिनी के पिता इटली में लोहार का काम करते थे । गर्म लोहे को आकार देते देते उनके विचार भी उग्र हो गये थे । वे वर्तमान व्यवस्था को नफरत की नजर से देखते थे । उनके विचार समाजवादी थे । इन सबका बहुत व्यापक प्रभाव मुसोलिनी के बाल मन पर पड़ा । उसकी माँ एक शिक्षिका थीं । मुसोलिनी कुशाग्र बुद्धि का था । 23 साल की उम्र आते…

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फेक मैसेज रोकने के लिए वॉट्सऐप का नया फीचर, सिर्फ 5 ग्रुप में ही मैसेज कर सकेंगे फॉरवर्ड

लोकप्रिय मैसेजिंग एप व्हाट्सएप फेक न्यूज और अफवाहों का सबसे बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए व्हाट्सएप अपने प्लैटफॉर्म पर एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है जिससे व्हाट्सएप पर साझा किए जाने वाले सभी मैसेज, विडियोज़ और फोटोज़ को फॉरवर्ड करने के लिए एक लिमिट सेट होगी। Next View Full Post कंपनी ने शुक्रवार सुबह ई-मेल के जरिए से जानकारी दी…

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आओ तुम्हें मैं प्यार सिखा दूं !

नए साल, वैलेंटाइन सप्ताह और होली की आहट के साथ दुनिया भर में प्रेमाकांक्षियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जाती है। कुछ ही दिनों में प्रेम की ऋतु वसंत के आगमन के साथ प्रेम की तलाश में रंग-विरंगे परिधानों में युवा सड़कों पर, गलियों में, पार्कों में, सिनेमा घरों के आसपास और उन तमाम ठिकानों पर उतर आएंगे जहां उनके परिचय या पसंद की लड़कियों के आने-जाने की संभावनाएं…

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दिल्ली में पटाखों पर रोक के सन्दर्भ में एक आलेख

दिल्ली और एन.सी.आर में दीवाली के मौके पर पटाखों के विक्रय और उपयोग पर लगातार दूसरे साल भी प्रतिबंध लागू रखने का सर्वोच्च न्यायालय का फ़ैसला स्वागत योग्य तो है, लेकिन एकांगी है। यह प्रतिबंध पूरे देश में एक साथ लागू होना चाहिए। दीवाली पर ही क्यों, क्रिसमस, शबेरात और नए साल के आगमन पर होने वाली आतिशबाज़ी पर भी रोक लगा दिया जाना चाहिए। यह हम सबको पता है…

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हमारी रूह को जन्नत में क्या मज़ा होगा ?

भले ही यह किसी की कल्पना की उड़ान हो, लेकिन नर्क का कंसेप्ट मुझे हमेशा से लुभाता रहा है। अगर मरने के बाद सचमुच ऐसी कोई जगह है तो मैं स्वर्ग के बज़ाय नर्क में ही जाना पसंद करूंगा। स्वर्ग के बारे में जितना कुछ शास्त्रों में लिखा है, उसे पढ़कर कई आशंकाएं घेर लेती हैं। दुनिया के किसी भी धर्मग्रंथ के अनुसार स्वर्ग या जन्नत के बासिंदों में जो…

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छछूंदर के सिर चमेली का तेल

गरदन विहीन , मखमली बाल , लम्बी पूंछ , छोटे कान व आंखों वाला यह जीव छछूंदर कहलाती है । यह कुछ हद तक चूहे से मिलती है । अंतर इतना है कि छछूंदर केवल खाद्य पदार्थों को हीं खाती है । जब कि चूहे महाराज खाद्य व अखाद्य सभी चीजों को खा जाते हैं । अगर खाते नहीं हैं तो कुतर के तो छोड़ हीं देते हैं । पता…

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मौजूदा भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक नज़र

कुछ समय से भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर आलोचना देख रहा हूं। एक आलोचना यह है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली लोकसभा का चुनाव हार गए थे। अतः उन को वित्त मंत्री का पद नहीं देना चाहिए था। लेकिन लोग यह नहीं पूछते कि मनमोहन सिंह को राज्यसभा के रास्ते लाया गया था और वे 10 साल देश के प्रधानमंत्री बने रहें। उसके अलावा नेशनल एडवाइजरी कौंसिल बनाकर सोनिया गांधी…

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अजी छोड़िए वामपंथ-दक्षिणपंथ, आइए एक ‘देवता’ से मिलते हैं

जिस दौर में लाशों को भी वेंटीलेटर पर रखकर बिल भुनाने से कई डॉक्टर नहीं चूकते, उस दौर में इस देवतुल्य चिकित्सक की कहानी दिल को गदगद कर देती है। जब तमाम डॉक्टर सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवेट प्रैक्टिस से करोड़ों का अस्पताल खोलना फायदेमंद समझते हैं, तब बीएचयू के प्रख्यात कार्डियोलाजिस्ट पद्मश्री प्रो. डॉ. टी के लहरी साहब अद्भुत हैं। आप हैरत में पड़ेंगे। मेडिकल कॉलेज में तीन दशक की…

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