मंथन

हिटलर व स्वस्तिक ।

हिटलर का मानना था कि आर्य जर्मनी के बाशिंदे थे और जर्मनी से जा कर हीं आर्यों ने भारत पर आक्रमण किया था । इसलिए हिटलर ने भारतीय आर्यों के शुभ चिन्ह स्वस्तिक को अपनी सेना के ध्वज पर लगाया था । उसका मानना था कि वह दिन दूर नहीं जब आर्यों के स्वस्तिक ध्वज के नीचे पूरी दुनियाँ आ जायेगी । स्वस्तिक का अर्थ मंगल होता है । सु…

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गांधी की लाठी ।

घोरघट गांव मुंगेर जिले में है । इस गांव में गांधी जी 12 अक्टूबर 1934 को पधारे थे । वे कलकत्ता के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेकर गंगा तट पर स्थित इस गांव के बलुआ घाट पर उतरे थे । उनके साथ उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी भी थीं । आस पास के 25 गांवों से लोग गांधी जी से मिलने पहुंचे थे । गांधी जी तकरीबन 4 घंटे…

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प्रथम महिला अंतरिक्ष पर्यटक थीं अनुशेहा अंसारी ।

अनुशेहा अंसारी का जन्म ईरान के मशहद में 12 सितम्बर 1966 को हुआ था । 1979 में हुई ईरान क्रांति के पांच साल बाद 1984 में अनुशेहा अंसारी का पूरा परिवार अमेरिका शिफ्ट कर गया था। अमेरिका जाकर अनुशेहा अंसारी ने कम्प्यूटर साईंस और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की । इसी दौरान अनुशेहा अंसारी की मुलाकात हामिद अंसारी से हुई । दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और इन दोनों…

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सदाचारी हीं ब्राह्मण कहलाता है ।

कृष्ण का पुत्र साम्ब कुष्ट रोग से पीड़ित थे । कृष्ण ने शाक्यद्वीप से ब्राह्मणों को बुलावाया । ये ब्राह्मण कुष्ट रोग के इलाज में माहिर थे । उन्होंने एक विशेष प्रकार का मलहम तैयार किया और साम्ब के घावों पर उसका लेपन किया । शाक्यद्वीपीय ब्राह्मण सूर्य के उपासक थे । कहते हैं कि ये ब्राह्मण देहज नहीं थे । इन्हें सीधे तौर पर सूर्य ने अपने पराक्रम से…

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मैंने हर बार जूतों को रफीक समझा है ।

आपको वह दृश्य याद होगा कि किस तरह एक पत्रकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति पर दो बार जूते फेंके थे । हालाँकि दोनों बार निशाना चूक गया था , पर वह पत्रकार रातों रात स्टार बन गया था । उसके जूते भी अमर हो गये । जूतों बनाने वाली कम्पनियों में इस बात का श्रेय लेने की होड़ मच गयी कि वह उन्हीं के ब्राण्ड का जूता था । लेकिन…

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अंतहीन प्रतीक्षा की अधूरी कविता !

भारतीय इतिहास के मध्यकाल में प्रेम की अप्रतिम गायिका मीराबाई के अलावा प्रेम की दीवानी एक और कवयित्री भी हुई थी जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता है। प्रेम की गहन संवेदना, दर्द और अंतहीन प्रतीक्षा को अलफ़ाज़ देने वाली यह कवयित्री थी सत्रहवीं सदी की मुग़ल शहजादी, औरंगज़ेब की बड़ी बेटी जेबुन्निसा। मुग़ल खानदान में उसके आखिरी शासक बहादुर शाह जफर के अलावा जेबुन्निसा ही ऐसी…

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तानाशाह मुसोलिनी का दुःखद अंत ।

मुसोलिनी के पिता इटली में लोहार का काम करते थे । गर्म लोहे को आकार देते देते उनके विचार भी उग्र हो गये थे । वे वर्तमान व्यवस्था को नफरत की नजर से देखते थे । उनके विचार समाजवादी थे । इन सबका बहुत व्यापक प्रभाव मुसोलिनी के बाल मन पर पड़ा । उसकी माँ एक शिक्षिका थीं । मुसोलिनी कुशाग्र बुद्धि का था । 23 साल की उम्र आते…

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फेक मैसेज रोकने के लिए वॉट्सऐप का नया फीचर, सिर्फ 5 ग्रुप में ही मैसेज कर सकेंगे फॉरवर्ड

लोकप्रिय मैसेजिंग एप व्हाट्सएप फेक न्यूज और अफवाहों का सबसे बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए व्हाट्सएप अपने प्लैटफॉर्म पर एक नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है जिससे व्हाट्सएप पर साझा किए जाने वाले सभी मैसेज, विडियोज़ और फोटोज़ को फॉरवर्ड करने के लिए एक लिमिट सेट होगी। Next View Full Post कंपनी ने शुक्रवार सुबह ई-मेल के जरिए से जानकारी दी…

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आओ तुम्हें मैं प्यार सिखा दूं !

नए साल, वैलेंटाइन सप्ताह और होली की आहट के साथ दुनिया भर में प्रेमाकांक्षियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जाती है। कुछ ही दिनों में प्रेम की ऋतु वसंत के आगमन के साथ प्रेम की तलाश में रंग-विरंगे परिधानों में युवा सड़कों पर, गलियों में, पार्कों में, सिनेमा घरों के आसपास और उन तमाम ठिकानों पर उतर आएंगे जहां उनके परिचय या पसंद की लड़कियों के आने-जाने की संभावनाएं…

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दिल्ली में पटाखों पर रोक के सन्दर्भ में एक आलेख

दिल्ली और एन.सी.आर में दीवाली के मौके पर पटाखों के विक्रय और उपयोग पर लगातार दूसरे साल भी प्रतिबंध लागू रखने का सर्वोच्च न्यायालय का फ़ैसला स्वागत योग्य तो है, लेकिन एकांगी है। यह प्रतिबंध पूरे देश में एक साथ लागू होना चाहिए। दीवाली पर ही क्यों, क्रिसमस, शबेरात और नए साल के आगमन पर होने वाली आतिशबाज़ी पर भी रोक लगा दिया जाना चाहिए। यह हम सबको पता है…

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