रचना क्रम में

तमिल भाषी रांगेय राघव बने हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार

रांगेय राघव का पूरा नाम तिरू मल्लई नम्बकम बीर राघव आचार्य था । इनके पूर्वज तिरुपति बाला जी मन्दिर में पुजारी थे , जिनकी विद्वता से प्रभावित हो राजस्थान राजघराने द्वारा इन्हें राजस्थान के मन्दिरों में पूजा के लिए आमन्त्रित किया गया था । कालांतर में रांगेय राघव के पिता आगरा चले गए थे । यहीं पर रांगेय राघव का जन्म 17 जनवरी सन् 1923 को हुआ । हिंदी साहित्य…

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मकर संक्रांति – स्नान और दान का पर्व .

मकर संक्रांति के दिन हीं सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और दक्षिणायन से यह उत्तरायण में होता है । सूर्य का उत्तरायण होना मोक्ष प्रदान करने वाला होता है । आज के दिन के इंतज़ार में हीं भीष्म छः माह तक शर सैय्या पर पड़े रहे और सूर्य के उत्तरायण होते हीं अपने प्राण त्याग दिए थे । कहा जाता है कि मकर संक्रांति के…

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दे माई लोहड़ी , तेरी जीवे जोड़ी

लोहड़ी रिश्तों की मधुरता , भाई चारे , प्रेम और सौहार्द का प्रतीकात्मक त्यौहार है । यह मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है।आज के बाद सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध से उत्तरी गोलार्द्ध में प्रवेश कर जाता है । ठण्ड कड़ाके की होती है । आग जलाकर लोग उस ठण्ड को दूर करते हैं । किसी जनहित वाले जगह पर लोहड़ी के वास्ते लकड़ियाँ , उपले एकत्र किये जाते…

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‘लाइन ऑफ कंट्रोल’

बात बहुत मामूली थी।सबेरे नौ बजे शहर के अहीर टोले का एक लड़का गोपीचंद यादव हमेशा की तरह साइकिल से कॉलेज जा रहा था। बी.ए फाइनल ईयर का छात्र था। रास्ते में मुसलमानों का एक मुहल्ला था दिलावरपुर। दिलावरपुर की एक गली से हाथों में किताबें लिए मलिक सईद नाम की एक लड़की उसी कॉलेज में पैदल जा रही थी। गोपीचंद के ही क्लास की छात्रा थी। गोपीचंद ने आगे-पीछे…

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फितूर होता है हर उम्र में जुदा जुदा (2 )

फिल्म अभिनेत्री तब्बू ने कहा था – ” मेरी जिंदगी में अगर प्यार एक फितूर होता तो चीजें आगे बढ़तीं और मैं अभी तक अकेली नहीं होती ” । प्यार फितूर की तरह लैला मजनूं का था । लैला मजनूं मर गये , मिट गये , पर उनका प्यार अमर हो गया । इश्क इंसान को क्या से क्या बना देता है । इश्क की आग लगाए नहीं लगती और…

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10 जनवरी – आज विश्व हिंदी दिवस

प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी सन् 1975 को नाग पुर में सम्पन्न हुआ था ।यह तारीख महत्वपूर्ण माना गया और 10 जनवरी सन् 2006 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि साल के हर 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।विश्व हिंदी दिवस दुनियाँ के हर मुल्क में भारतीय दूतावासों में मनाया जाता है । इसका उद्देश्य हिंदी को उसकी अंतराष्ट्रीय पहचान दिलाना है…

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साथ जिएंगे , साथ मरेंगे (2)

शादी के दो दिन बाद पवन के परिवार वालों ने एक बड़ी पार्टी का आयोजन किया । उस पार्टी में पवन के परिवारी जन और उसके दफ्तर के लोग थे । शर्मिष्ठा के भाई ने भी उस पार्टी में शामिल होना था , लेकिन रात के दस बजे तक जब वह नहीं आया तो शर्मिष्ठा ने उसके आने की उम्मीद छोड़ दी । शायद वह इतने बेगाने लोगों में अपना…

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साथ जिएंगे , साथ मरेंगे ।

शर्मिष्ठा पहाड़ की हिरनी थी । पलक झपकते हीं वह कुलांचे भरती दूर तक निकल जाती । वह स्कूल जाती थी तो पढ़ती कम ऊधम ज्यादा मचाती थी । उसकी धमाचौकड़ी से सभी तंग रहते थे । जिस दिन वह शांत रहती घर वाले चिंतित हो जाते कि कहीं उसकी तवियत खराब तो नहीं हो गयी ? स्कूल नहीं जाती जिस दिन उस दिन स्कूल की टीचर पता करने आ…

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रस्साकशी का खेल हमारे जीवन में अनवरत चल रहा है….

रस्साकशी का खेल कब दुनियां में आया , यह तो मुझे मालूम नहीं है , पर जब से होश सम्भाला है इसे देखता आ रहा हूं । पहले पहल रस्साकशी का यह खेल अपने स्कूल में देखा था । छात्रों के बीच की रस्साकशी देखी । फिर शिक्षक और शिष्यों के बीच रस्साकशी देखी । शिक्षक और शिष्यों की बीच की रस्साकशी में अक्सर शिक्षकों को जीतते देखा है ।…

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सर्व भाषा ट्रस्ट का प्रथम वार्षिकोत्सव सम्पन्न

भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए समर्पित संस्था सर्व भाषा ट्रस्ट द्वारा दिल्ली के साहित्य अकादमी सभागार में प्रथम वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया।अपने स्वागत भाषण में सर्व भाषा ट्रस्ट की परिकल्पना और उसकी योजनाओं पर अध्यक्ष अशोक लव ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आगामी योजनाओं की भी चर्चा की। सचिव रीता मिश्रा व समन्वयक केशव मोहन पाण्डेय ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि…

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