रचना क्रम में

व्यंग्य-“जाति पूछो भगवान की”

गांव में रामचरित मानस कथा के दस-दिवसीय आयोजन का आज अंतिम दिन था। जवार के लगभग दो हजार लोग एकत्र थे। हरिद्वार के स्वामी नित्यानंद महाराज भगवान विष्णु के दशावतारों की आध्यात्मिक व्याख्या कर रहे थे। कलियुग में हो रहे पापों की संक्षिप्त सूची पढ़ने के बाद उन्होंने घोषित किया कि कलियुग अब अपने अंतिम चरण में है। किसी भी दिन भगवान का कल्कि अवतार संभावित है और शास्त्रों के…

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तुम मुझ पर नजर रखो (4)

सुरेन्द्र कौर के मरे दो हफ्ते बीत चुके थे । मेरी जिंदगी की नाव मझधार में हिचकोले खा रही थी । मैंने अपने दत्तक पुत्र को उसके मां बाप के पास भेज दिया । उसकी परवरिश व पढ़ाई वहीं होने लगी । मैंने सुरेन्द्र कौर के कहने पर एक फ्लैट जीरकपुर में बुक किया था । उसके जिंदा रहते इस फ्लैट का अधिग्रहण नहीं हुआ था । अब जाकर उसका…

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तुम मुझ पर नजर रखो (3)

मेरी खुशी पर पाला पड़ गया था । हम दोनों ने आने वाले बच्चे का नाम भी सोच रखा था । मैंने सोचा था कि गोल मटोल बच्चे को अम्मी की गोद में रख उन्हें मना लूंगा । वे अपने पोते को देख सारे रंज ओ गम भूल जाएंगी , क्योंकि मूल से सूद प्यारा होता है । लेकिन वह सूद मूल के लिए खतरा बन रहा था । मैंने…

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तुम मुझ पर नजर रखो (2)

थाने पहुँच कर पता चला कि समझौते के पेपर तैयार हैं । मैं आश्चर्य चकित था । इस तरह से तो हम अवांछित तत्वों को और बढ़ावा देंगे । सुरेन्द्र कौर के साथ उसकी माँ भी आई थी । सुरेन्द्र कौर की माँ ने कहा कि मुझे अपनी बेटी की शादी करनी है । यदि केस वापस नहीं लिया तो इसकी शादी मुश्किल हो जाएगी । सुरेन्द्र कौर से भी…

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तुम मुझ पर नजर रखो ।

सुरेन्द्र कौर से मेरा परिचय जालंधर से दिल्ली यात्रा के दौरान बस में हुई थी । वह मेरे आगे थी । मैं उसके पीछे । हम दोनों टिकट खरीदने क्यू में लगे थे । उससे क्लर्क ने कुछ छुट्टे पैसे मांगे। सुरेन्द्र कौर के पास नहीं थे। उसकी बेचारगी मुझसे देखी नहीं गयी । मेरे पास वांछित पैसे थे । मैंने वो पैसे उसे दे दिए । मैंने भी टिकट…

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नीरज और ‘ऐ भाई ज़रा देख के चलो’ !

नीरज जी को उनके छंदबद्ध गीतों और गीतिकाओं के सौन्दर्य के लिए जाना जाता है, लेकिन एक विचित्र तथ्य यह भी है कि हिंदी सिनेमा में छंदमुक्त गीतों के जन्मदाता भी वही थे। फिल्म थी ‘मेरा नाम जोकर’। राज कपूर को सर्कस के विदूषक की अपनी भूमिका में गाने के लिए लीक से हटकर कुछ चाहिए था। गीत की रचना के लिए उनके यहां एक बैठक हुई जिसमें नीरज जी…

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प्यास ।

थका हारा पति घर आया , उसने पत्नी से एक गिलास पानी मांगा । पत्नी पूछ बैठी – क्यों , क्या प्यास लगी है ? पति ने झल्लाकर कहा – नहीं, प्यास नहीं लगी है । सिर्फ चेक करना है कि गला कहीं से लीक तो नहीं कर रहा है । ऐसा अक्सर होता है । जानते बूझते हुए भी ऐसे सवाल दागे जाते हैं । मसलन किसी को टहलते…

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छोटे गुनाह की बड़ी सज़ा

ख़बर है कि नीतीश जी एक बार फिर बिहार की शराबबंदी नीति की समीक्षा करने वाले हैं। जिस तरह राज्य के हजारों लोग महज़ शराब पीने की वजह से जेलों में सड़ रहे हैं, उसे देखते हुए इस समीक्षा की ज़रुरत महसूस भी की जा रही है। शराबबंदी बिहार सरकार का एक बेहतरीन फैसला था, लेकिन दुर्भाग्य से अति उत्साह में इसे बेहद ज़ाहिलाना तरीके से लागू किया गया। शराब…

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जीर जीर जीरिया ।

भूलन कोंहार को मैंने कभी नहीं देखा था । वे मेरे जनम से पहले हीं गुजर गये थे । भूलन बो को देखा था । छोटे कद की औरत थीं । रंग काफी दबा हुआ था । बाल सारे झक झक सफेद । उनकी बड़ी बहू घर से भाग रही थी । वे उसे पकड़ कर मार रहीं थीं । खींचकर घर ला रहीं थीं । पर बहु टस से…

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न जाने कितने वर्षों तक मैं यूं हीं लेटा रहूंगा ?

सर्वमान्य तथ्य है कि एवरेस्ट पर फतह 29 मई 1953 को एडमण्ड हिलेरी और तेनजिंग शेरपा ने किया था । अगर हम कहें कि एवरेस्ट पर फतह जाॅर्ज मैलोरी और उनके सहयात्री सैंडी इरविन ने 08 जून 1924 को हीं कर लिया था तो आप विश्वास नहीं करेंगे । तथ्यों की मानें तो एडमण्ड हिलेरी और तेनजिंग शेरपा से 29 साल पहले हीं यह कारनामा किया जा चुका था ।…

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