तूतीकोरिन: वेंदाता की स्टरलाइट यूनिट के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा की जांच के लिए कमिटी गठित, कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद

तमिलनाडु में बुधवार रात से इंटरनेट सेवा अस्थाई रूप से बंद कर दी गई हैं। गौरतलब है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन में तमाम एहतियात के बावजूद बुधवार को फिर से हिंसा भड़क गई थी। जिसमें एक और नागरिक की मौत हो गई जबकि 3 अन्य घायल हो गए। जिसके बाद रात 9 बजे से प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी। अभी तक तमिलनाडु हिंसा में कुल 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है।

लगातार बढ़ती हिंसा को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन में इंटरनेट सेवाओं पर बैन लगा दिया है। इसके अलावा इससे सटे तिरुनेलवेलि और कन्याकुमारी जिले में भी इंटरनेट सुविधाएं बंद रहेंगी।

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्थित वेदांता यूनिट की कॉपर प्लांट से हो रहे प्रदूषण के कारण ग्राउंड वॉटर प्रदूषित हो रहा है। इलाके में पीने के पानी की समस्या बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस फैक्ट्री के प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी गंभीर समस्या का संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में इस कंपनी ने शहर में अपनी और यूनिट बढ़ाने की घोषणा की है। इसलिए स्थानीय लोग महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा कॉपर फैक्ट्री को बंद करने और आगे कोई और यूनिट चालू न करने करने की मांग की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो बसों को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई है और करीब 30 लोग घायल हो गए थे। बुधवार की सुबह भी हिंसा दोबारा भड़क गई जिसमें एक की मौत हो गई और लगभग तीन लोग घायल हो गए।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में दो सप्‍ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। एनएचआरसी ने नोटिस में बताया है कि उन्‍हें मीडिया से खबर मिली है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में पुलिस ने लाठीचार्ज और गोलीबारी की। पुलिस के इस बर्ताव से प्रदर्शन हिंसक हो गया और 11 लोगों की जान चली गई।

तमिलनाडु सरकार ने पूरे मामले में रिटायर्ड जज अरुण जगदीशन की एक सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच करने का आदेश दिया है। वहीं मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने स्टरलाइट प्लांट के नए कॉपर स्मेल्टर (तांबा गलाने वाली यूनिट) के निर्माण पर रोक लगा दी है।रजनीकांत ने एक वीडियो मैसेज ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। वहीं कमल हासन भी पीड़ितों से मिलने के लिए तूतीकोरिन (तुतुकुड़ी) के अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों के परिवार से मुलाकात की।

प्लांट के खिलाफ के प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग को लेकर डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पलानीस्वामी सरकार पर जमकर प्रहार किया। वहीं डीएमके के एक अन्य नेता इस गोलीबारी की तुलना जलियांवाला बाग से की है। डीएमके ने सभी दलों से इस घटना के खिलाफ 25 मई को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जोड़ते हुए तमिल भाषा में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘इन तामिलों की इस वजह से हत्या कर दी गई क्योंकि उन्होंने आरएसएस की विचारधाराओं को स्वीकार करने मना कर दिया था। तमिलनाडु के लोग आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते रहे हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु के लोगों को दबाया नहीं जा सकता है।’ इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि तमिलनाडु के प्रिय भाइयों और बहनों, हम आपके साथ हैं।

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