संदेसे आते हैं , हमें तड़पाते हैं ।

मेरे मेसेंजर पर लोगों के कुछ ऐसे मेसेज आते हैं , जिनका जिक्र करना मैं मुनासिब नहीं समझता । ज्यादातर ये कम उम्र के लोग होते हैं , जो दो तीन बार हाय हाय करने के बाद अवांछित तस्वीरें भेजना शुरू कर देते हैं । इन्हें मजबूरन मुझे ब्लाॅक करना पड़ता है । ऐसे लोगों की हमने पहचान कर ली है । इनकी फ्रेण्ड लिस्ट में केवल बुजुर्ग ही होते हैं । ऐसे में मैं इनका फ्रेण्ड रिक्वेस्ट ही डिलीट कर देता हूँ “न रहेगा बाँस न बजेगी बांसुरी ” की तर्ज पर । फिर भी कुछ बच जाते हैं , जो अपनी हरकतों से बाज नहीं आते । इन्हें बाध्यतामूलक फिर ब्लाॅक करना पड़ता है । कुछ अधेड़ लोग भी होते हैं । इनका भी वही काम है । ये लोग भी “बेगानी की शादी में अब्दुल्ला दीवाना ” बने फिरतें हैं । इनका फेस बुक से कोई मतलब नहीं होता । ये भी मेसेंजर में घुसे रहते हैं । ये ब्लाॅक करने से आहत नहीं होते । ये चल पड़ते हैं किसी और के मैसेंजर पर ” तू नहीं और सही ” की तर्ज पर ।

कुछ लोगों को मेसेंजर पर गुड मार्निंग, गुड इवनिंग और गुड नाइट कहने के अलावा और कुछ नहीं आता । ये सुबह जगाते हैं फिर रात को सुलाने भी आते हैं । गोया सूरज इनकी अनुमति से उगता और डूबता है । एक अनुमान के अनुसार ऐसे संदेसों की वजह से भारत में हर तीसरे फोन में स्पेस की कमी हो रही है । भेजने वाले ने भेज दिया । आप मिटाते रहो । यह तो बिन पैसों की मजदूरी हुई। यही हाल अमेरिका का भी है । वहां हर दसवें फोन में आउट ऑफ स्पेस हो रहा है । इस तरह के मेसेज साफ्ट वेयर इंजीनियरों के माथों पर गहरी लकीरें खींच रहीं हैं । सुबह होते ही किसी चिड़िया या फूल या किसी सुंदर सी बाला के साथ गुड मार्निंज का मेसेज आपके पहुँच जाता है । उसमें टपोरी टाइप का शे’र भी होता है ।

ऐसे लोगों का एक फ्रेण्ड सर्किल होती है , जिसमें कई तरह की कैटेगरी होती हैं । स्कूल के दोस्त , ऑफिस के दोस्त , खास करीबी दोस्त , कुछ स्पेशल जहीन दोस्त और सारे रिश्तेदारों का एक अलग ग्रुप । ऐसे में मैं चुपचाप उस ग्रुप को छोड़ देता हूँ । फिर भी लोग मेसेंजर में आकर शिकायत दर्ज कराते हैं – ग्रुप क्यों छोड़ा ? कुछ कहते हैं अमुक दिन को मेरा भेजा गुड मार्निंग संदेश लाइक क्यों नहीं किया ? फोन भी आते हैं । रिश्तेदार हक से कहते हैं । आप उनके हक को इग्नोर नहीं कर सकते । आपको उनकी बात माननी पड़ती है । लोग शादी में अपने निकटतम रिश्तेदारों को बुलाते हैं , लेकिन सभी फेसबुक फ्रेण्ड के मेसेंजर पर सूचना भेज देते हैं। ऐसे में अनावश्यक मेसेज से मेसेंजर भर जाता है । उसकी सफाई के वास्ते फिर से वही मेहनत करनी पड़ती है ।

फेसबुक , ह्वाट्सप और मेसेंजर की सफाई अत्यंत आवश्यक है । आप सफाई करें । मैं आपके साथ हूँ ।सफाई करने के बाद ही हम स्वच्छ भारत मिशन में शामिल हो सकते हैं । वैसे भी आजकल गुड मार्निंग जैसै कोटेशन सर्च करने वालों की संख्या में पिछले पाॅच साल में बहुत बढोत्तरी हुई है । इसलिए आप सभी को इस नेक काम में योगदान करना होगा । मेरे निमंत्रण को स्वीकार करना होगा ।

भेज रहा हूँ नेह निमंत्रण प्रियवर तुम्हें बुलाने को ।
हे मानस के राज हंस तुम भूल न जाना आने को ।

एस. डी. ओझा

https://www.facebook.com/sd.ojha.3

(लेखक वरिष्ठ साहित्यकार और स्वतंत्र टिप्पणीकार है)

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