आर्टिकल 15 A के खिलाफ देश भर के ब्राह्मणों में रोष, कई शहरों में मुकदमा दर्ज

आर्टिकल 15 A का मतलब होता है :- “धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर राज्य अपने किसी भी नागरिक से कोई भेदभाव नहीं करेगा”। मौजूदा दौर में संविधान के इस आर्टिकल पर फ़िल्म के बहाने हो रही बहस को कुछ लोग ज़रूरी मान रहे हैं। इसी विषय पर आयुष्मान खुराना इन दिनों अपनी फिल्म ‘आर्टिकल 15’ में अपने दबंग पुलिस वाले रोल के लिए खूब चर्चा में हैं। आर्टिकल 15 रिलीज से पहले ही विवादों में घिरती नजर आ रही है।इसके खिलाफ देश भर में ब्राह्मणों का गुस्सा देखा जा रहा है । लोगो का कहना है की इस सिनेमा के जरिए ब्राह्मणों की नेगेटिव इमेज को रखने का प्रयास किया गया है । फिल्म को लेकर ब्राह्मण समाज में काफी आक्रोश है। ब्राह्मण समाज के लोगों का कहना है कि फिल्म बदायूं की घटना पर आधारित है तो आरोपी को ब्राह्मण में बदलने की क्या जरूरत थी। जाहिर है कि इसका उद्देश्य ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करना है। फिल्म की कहानी 2014 में दो बहनों के रेप और हत्या पर आधारित है। बदायूं के कटरा सआदतगंज गांव में दो दलित लड़कियों से गैंग रेप कर पेड़ से लटका दिया था। दिसंबर 2014 में सीबीआई ने इस केस को सुसाइड केस बताकर बंद कर दिया था। बदायूं केस में मुख्य आरोपियों के नाम पप्पू यादव, अवधेश यादव व उर्वेश यादव थे। जबकि इनके साथ दो पुलिस वाले छत्रपाल यादव और सर्वेश यादव भी आरोपी थे। फिल्मकार द्वारा ब्राह्मण समाज के नाम देकर ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का कार्य किया जा रहा है, जो कि ब्राह्मण समाज द्वारा कभी सहन नहीं करेगा।देश भर के कई शहरों में आर्टिकल 15 A  के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चूका है।

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