रंगवा में भंगवा परल हो बटोहिया

December 20, 2019

लोकभाषा भोजपुरी की साहित्य-संपदा की जब चर्चा होती है तो सबसे पहले जो नाम सामने आता है, वह है स्व भिखारी ठाकुर का। वे भोजपुरी साहित्य के ऐसे शिखर हैं जिसे न उनके पहले किसी ने छुआ था और न उनके बाद कोई उसके आसपास भी पहुंच सका। भोजपुरिया जनता की जमीन, उसकी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं, उसकी आशा-आकांक्षाओं तथा राग-विराग की जैसी समझ भिखारी ठाकुर को थी, वैसी किसी…

Read More >>

ज़मीन औरत की, आकाश औरत का

December 14, 2019

कभी आपने यह सोचा है कि कुछ अपवादों को छोड़कर सृष्टि के समय से लेकर आजतक हमारी दुनिया इस क़दर अराजक, अव्यवस्थित, क्रूर और अमानवीय क्यों रही है ? वह शायद इसीलिए कि दुनिया को बनाने, चलाने और मिटाने वाला ईश्वर हमेशा से पुरुष ही रहा है। दुनिया के किसी भी धर्म ने स्त्री को ईश्वर बनाने के लायक नहीं समझा। बावज़ूद इसके कि प्रेम, वात्सल्य, दया, करुणा, क्षमा जैसे…

Read More >>

अनचाहे उगती हैं बेटियाँ…

December 13, 2019

मेरी प्रिय कवयत्रियों में से एक रूपम मिश्र जी ने लिखा है, “बेटों की चाह में अनचाहे उग आती हैं बेटियाँ…” क्या सचमुच? शहरों के झूठ से पीछा छुड़ा कर गाँव को निहारने पर दिखता है, इस प्रश्न के उत्तर में ‘हाँ’ का प्रतिशत ‘नहीं’ से बहुत अधिक है। पर तनिक सोचिये न! बेटियाँ न हों तो जीवन में क्या बचेगा? बाहर की दुनिया से रोज पराजित हो कर थका-हारा…

Read More >>

बालीवुड का शातिर नजरिया

December 10, 2019

ऐतिहासिक विषयों पर बनी हिन्दी की मुम्बइया फिल्मों को देख कर लगता है कि मुम्बई फ़िल्म इंडस्ट्री भारत के साथ बड़ा छल करती है। आप इन दिनों बनी ऐतिहासिक फिल्मों की लिस्ट देखिये, सारी फिल्में उन्ही युद्धों को ले कर बनी हैं जिनमें हिन्दू राजा पराजित हो गए थे। पद्मावती में राणा रतन सिंह पराजित होते हैं, पानीपत मराठों के पराजय की कहानी है, पृथ्वीराज चौहान भी पराजित ही हुए…

Read More >>

हर पखवाड़े एक भाषा की मौत

November 30, 2019

हम यह कहते हुए नहीं थकते कि क्षेत्रीय भाषा व बोलियाँ हमारी ऐतिहासिक धरोहरें हैं, पर आलम यह है कि हर पखवाड़े एक भाषा की मौत होती है. सन् 2009 में खोरा भाषा बोलने वाली एकमात्र महिला बोरो की मौत हो गई थी. उसी तरह जब सारा राष्ट्र 60 वां गणतंत्र दिवस मना रहा था तो उस दिन एक भाषा की भी मौत हो रही थी. 26 जनवरी सन् 2010…

Read More >>

भोजपुरी में एक संस्कृति निवास करती है : भोजपुरी लिटरेचर फेस्टिवल

November 13, 2019

नई दिल्ली. दिल्ली में आयोजित भोजपुरी लिटरेचर फेस्टिवल में देश भर से आए वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि भोजपुरी के विकास से ही हिंदी का भी विकास होगा. देश भर के भोजपुरी साहित्यकार, पत्रकार, लेखक, रंगकर्मी, अभिनेता इस उत्सव में शामिल हुए. इस कार्यक्रम का आयोजन ‘भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया’ एवं मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार के संयुक्त तत्वावधान में हुआ. उद्घाटन सत्र में अखिलेश मिश्र, डीजी आई सी सी…

Read More >>

लंबी प्रतीक्षा का अंत

November 9, 2019

खुश होइये कि चार सौ सत्तासी वर्षों की लम्बी प्रतीक्षा का अंत हुआ। यह हमारी या आपकी विजय नहीं, यह भारत की विजय है। राम तो यहाँ के कण-कण में हैं, आज भारत का स्वाभिमान लौटा है। यहाँ न कोई पक्ष हारा है न कोई पक्ष जीता है, आज भारतीय स्वाभिमान की गर्दन पर रखी गयी समरकन्द की तलवार टूटी है। गर्व कीजिये कि आपने आज का दिन देखा है।…

Read More >>

मैं,  रावण !

October 7, 2019

सभी भारतवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं। आज का दिन प्रभु राम के हाथों मेरी पराजय और मृत्यु का दिन है। यह मेरे लिए उत्सव का दिन है क्योंकि एक योद्धा के लिए विजय और पराजय से ज्यादा बड़ी बात उसका पराक्रम है। मुझे गर्व है कि अपने जीवन के अंतिम युद्ध में मैं एक योद्धा की तरह लड़ा और मरा। मेरे बारे में यह धारणा है कि मुझमें अहंकार था…

Read More >>

नवरात्र : स्त्रीत्व का उत्सव

October 4, 2019

देवी दुर्गा की आराधना के नौ-दिवसीय आयोजन शारदीय नवरात्र का आरम्भ हो गया है। देवी दुर्गा के स्वरूप के संबंध में हमारे देश में अलग-अलग मान्यताएं हैं। पौराणिक साहित्य में उन्हें आदिशक्ति माना गया है। ऐसी दिव्य शक्ति जिसने कई बार असुर शक्ति के समक्ष कमजोर पड़े देवताओं की रक्षा की और असुरों का विनाश कर देवताओं के स्वर्ग को सुरक्षित किया। वे हिन्दुओं के शाक्त सम्प्रदाय की प्रमुख देवी…

Read More >>

न जाने यह चाइनीज अफीम का नशा कब उतरेगा ?

September 7, 2019

हमारा चन्द्रयान मिशन अपने लक्ष्य से भटक गया है, तो हमारे ही देश के कुछ रहमान, फारुख, खान और बनर्जी इस बात का जश्न मना रहे हैं। हमारे देश के भीतर ही अघोषित रूप से एक दूसरा देश रहता है जो हमारी असफलताओं पर जश्न मनाता है, खुश होता है। ये वही लोग हैं जो देश के पूर्व प्रधानमंत्री की मृत्यु पर उन्हें गाली देते हैं, प्रधानमंत्री की मृत्यु के…

Read More >>