आओ तुम्हें मैं प्यार सिखा दूं !

January 18, 2018

नए साल, वैलेंटाइन सप्ताह और होली की आहट के साथ दुनिया भर में प्रेमाकांक्षियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जाती है। कुछ ही दिनों में प्रेम की ऋतु वसंत के आगमन के साथ प्रेम की तलाश में रंग-विरंगे परिधानों में युवा सड़कों पर, गलियों में, पार्कों में, सिनेमा घरों के आसपास और उन तमाम ठिकानों पर उतर आएंगे जहां उनके परिचय या पसंद की लड़कियों के आने-जाने की संभावनाएं…

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दिल्ली में पटाखों पर रोक के सन्दर्भ में एक आलेख

October 10, 2017

दिल्ली और एन.सी.आर में दीवाली के मौके पर पटाखों के विक्रय और उपयोग पर लगातार दूसरे साल भी प्रतिबंध लागू रखने का सर्वोच्च न्यायालय का फ़ैसला स्वागत योग्य तो है, लेकिन एकांगी है। यह प्रतिबंध पूरे देश में एक साथ लागू होना चाहिए। दीवाली पर ही क्यों, क्रिसमस, शबेरात और नए साल के आगमन पर होने वाली आतिशबाज़ी पर भी रोक लगा दिया जाना चाहिए। यह हम सबको पता है…

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हमारी रूह को जन्नत में क्या मज़ा होगा ?

October 4, 2017

भले ही यह किसी की कल्पना की उड़ान हो, लेकिन नर्क का कंसेप्ट मुझे हमेशा से लुभाता रहा है। अगर मरने के बाद सचमुच ऐसी कोई जगह है तो मैं स्वर्ग के बज़ाय नर्क में ही जाना पसंद करूंगा। स्वर्ग के बारे में जितना कुछ शास्त्रों में लिखा है, उसे पढ़कर कई आशंकाएं घेर लेती हैं। दुनिया के किसी भी धर्मग्रंथ के अनुसार स्वर्ग या जन्नत के बासिंदों में जो…

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छछूंदर के सिर चमेली का तेल

September 29, 2017

गरदन विहीन , मखमली बाल , लम्बी पूंछ , छोटे कान व आंखों वाला यह जीव छछूंदर कहलाती है । यह कुछ हद तक चूहे से मिलती है । अंतर इतना है कि छछूंदर केवल खाद्य पदार्थों को हीं खाती है । जब कि चूहे महाराज खाद्य व अखाद्य सभी चीजों को खा जाते हैं । अगर खाते नहीं हैं तो कुतर के तो छोड़ हीं देते हैं । पता…

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मौजूदा भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक नज़र

September 28, 2017

कुछ समय से भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर आलोचना देख रहा हूं। एक आलोचना यह है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली लोकसभा का चुनाव हार गए थे। अतः उन को वित्त मंत्री का पद नहीं देना चाहिए था। लेकिन लोग यह नहीं पूछते कि मनमोहन सिंह को राज्यसभा के रास्ते लाया गया था और वे 10 साल देश के प्रधानमंत्री बने रहें। उसके अलावा नेशनल एडवाइजरी कौंसिल बनाकर सोनिया गांधी…

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अजी छोड़िए वामपंथ-दक्षिणपंथ, आइए एक ‘देवता’ से मिलते हैं

September 17, 2017

जिस दौर में लाशों को भी वेंटीलेटर पर रखकर बिल भुनाने से कई डॉक्टर नहीं चूकते, उस दौर में इस देवतुल्य चिकित्सक की कहानी दिल को गदगद कर देती है। जब तमाम डॉक्टर सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवेट प्रैक्टिस से करोड़ों का अस्पताल खोलना फायदेमंद समझते हैं, तब बीएचयू के प्रख्यात कार्डियोलाजिस्ट पद्मश्री प्रो. डॉ. टी के लहरी साहब अद्भुत हैं। आप हैरत में पड़ेंगे। मेडिकल कॉलेज में तीन दशक की…

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पीएम मोदी के साथ 1 घंटे तक चली द्विपक्षीय वार्ता में बोले जिनपिंग- डोकलाम जैसी नहीं होगी फिर से हालत

September 5, 2017

ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने गए पीएम मोदी ने डोकलाम के बाद पहली बार चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मंगलवार को मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चीन दोनों ही बड़े पड़ोसी हैं और दुनिया के उभरते देश हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार इस मुलाकात के दौरान मोदी ने ‘बेहद सफल’ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर शी को बधाई…

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जानिए एक और पक्ष दुनियां के पहले मुस्लिम का जिन्हें मिला था भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

September 2, 2017

पाकिस्तान के अब्दुस सलाम दुनियां के पहले मुस्लिम हैं , जिन्हें भौतिक शास्त्र के लिए नोबल पुरूष्कार मिला है । अब्दुस सलाम अहमदिया मुसलमान थे । 1974 में पाकिस्तानी संसद ने संविधान में एक संशोधन कर अहमदिया लोगों को मुस्लिम विरादरी से अलग कर दिया था । उस समय पाकिस्तान के प्रधान मंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो थे । इस कार्य के लिए उन्हें बहुसंख्यकों की खूब वाह वाही मिली थी…

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नोटबन्दी का फेल होना सिर्फ मोदी का फेल होना नहीं बल्कि भारत का फेल होना है

September 2, 2017

नोटबन्दी का लेखा-जोखा आ गया। अपनी राजनैतिक आस्था के अनुसार सबने उसपर अपनी प्रतिक्रिया दी। मोदी जी के समर्थकों के अनुसार नोटबन्दी पूर्णतः सफल रही, तो राहुल, लालू, ममता जी के समर्थकों के अनुसार पूरी तरह फेल रही। दोनों पक्षों की अपनी अपनी मजबूरियां हैं, दोनों पक्ष अपने अपने कर्तव्य पथ पर डटे हुए हैं। जिन्हें मोदी में विकास पुरुष दिखता है, या जिन्हें मोदी के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प…

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यातायात की रीढ़ की हड्डी कहलाने वाली रेलवे का यह कैसा मजाक है ?

September 1, 2017

भारतीय रेल के बारें में बहुत सारी बातें होती रही है|नए ट्रेन के लांच होने पर उसके इंटीरियर का फोटो अक्सर इन्टरनेट पर दिखता ही रहता है|साधारणतः रेलवे स्टेशन पर वैसा ट्रेन देखने को नहीं मिलता है|हमारे रेलवे मंत्री श्री सुरेश प्रभु के कागजी प्लान हमें बहुत चमकता सा दिखता है, लेकिन वास्तविकता बहुत अलग है|अखबारी अनुभव, सरकारी रिपोर्ट्स के साथ साथ व्यक्तिगत अनुभव भी है जिसे साझा करना जरूरी…

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