भानुमती ने कुनबा जोड़ा…

भानुमती कम्बोज के राजा चन्द्रवर्मा की पुत्री थी। वह अत्यंत रुपवती थी। पिता ने इसके लिए योग्य वर की तलाश बहुत की। योग्य वर न मिलने पर चन्द्रवर्मा ने स्वय॔वर का आयोजन किया। इस आयोजन में शिशुपाल, दुर्योधन, जरासंध और कर्ण जैसे महारथी शामिल हुए थे। जब भानुमती दासियों से घिरी स्वयंवर सभा में पहुँची तो उसे देखकर सभा के लोग चकित रह गये। सबकी आंखों में उसके रूप लावण्य…

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घर के बुजुर्ग जैसे अमिताभ

जिसके लिए बचपन से सिनेमा का मतलब ही ‘अमता बचन’ हो उसके लिए अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिलना व्यतिगत उपलब्धि जैसी है। हाँ! अमिताभ को दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिलना मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि है। अमिताभ मुझे अपने घर के बुजुर्ग जैसे लगते हैं। सिनेमा जगत से हमें असंख्य शिकायतें हो सकती हैं, पर हम इस सत्य से असहमत नहीं हो सकते कि आज के समय में देश…

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ब्लैक होल के अंधकार में

ब्लैक होल में यदि कोई तारा चला जाय तो वह उससे बाहर नहीं आ पाता। पता नहीं उस तारे का क्या होता है, कुछ पता नहीं। “जो-जो गये बहुरि नहीं आए, ना पठवत संदेश” वाली बात होती है। एक अनुमान के अनुसार ब्लैक होल में गुरुत्वाकर्षण बहुत होता है। यदि कोई चीज या तारा उसमें गिर जाय तो गुरुत्वाकर्षण के कारण वह गिरती ही चली जाएगी, जिसे फ्री ड्राप कहा…

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बेगम ज़ीनत महल की विरासत

दिल्ली के तमाम ऐतिहासिक इमारतों में जिस एक इमारत की सबसे ज्यादा उपेक्षा हुई, वह है चांदनी चौक के लाल कुआं इलाके के फराशखाने में स्थित बेगम जीनत महल की हवेली। अपने भीतर 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम की बेशुमार यादें समेटे इस महल को आखिरी मुग़ल बादशाह, शायर और स्वतंत्रता सेनानी बहादुर शाह जफ़र की तीसरी और उनकी सबसे प्रिय बेगम जीनत महल ने 1846 में बनवाया था। लगभग…

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एक था सुल्ताना डाकू !

बचपन में देखी नौटंकियों, नाटकों और फिल्मों के एक बेहद मकबूल क़िरदार सुल्ताना डाकू की याद है आपको ? वह सुल्ताना डाकू जो रॉबिनहुड की तरह अमीरों को लूटता था और गरीबों में लुटाया करता था। नौटंकी की मलिका गुलाब बाई ने उसके नाम पर एक नौटंकी खेलकर पूरे उत्तर भारत में उसे लोकप्रियता दिलाई थी। बचपन में मैं उसपर आधारित नौटंकी का कोई भी शो नहीं छोड़ता था। उसके…

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यात्री गण कृपया ध्यान दें…

सरला चौधरी के पिता रेलवे कर्मचारी थे। सभी रेलवे स्टेशनों को एक सर्कुलर जारी किया गया था कि हर स्टेशन पर एक उद्घघोषक की अस्थाई (तीन माह) नियुक्ति की जाएगी। यह नियुक्ति केवल रेलवे कर्मियों के बच्चों के लिए थी। सरला चौधरी ने अपने पिता के कहने पर फार्म भर दिया। उन्होंने सोचा कि कुछ न होगा तो तजुरबा ही होगा। आवाज की जांच में सरला चौधरी पास कर गयीं।…

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मैं,  रावण !

सभी भारतवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं। आज का दिन प्रभु राम के हाथों मेरी पराजय और मृत्यु का दिन है। यह मेरे लिए उत्सव का दिन है क्योंकि एक योद्धा के लिए विजय और पराजय से ज्यादा बड़ी बात उसका पराक्रम है। मुझे गर्व है कि अपने जीवन के अंतिम युद्ध में मैं एक योद्धा की तरह लड़ा और मरा। मेरे बारे में यह धारणा है कि मुझमें अहंकार था…

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मसाले बसा देंगे प्यार की दुनिया

कहते हैं कि हर पुरुष के दिल में उतरने का रास्ता उसके पेट से होकर गुजरता है, लेकिन पेट से गए रास्ते पर गुरुत्वाकर्षण का नियम लागू होता है। पेट नीचे है। दिल ऊपर है। ऐसे में दिल तक पहुँच बनाने के लिए बूस्टर की जरुरत होती है। पुरुष को अच्छा भोजन बनाकर यदि पत्नी दे तो वह उसके लिए चांद और तारे लाने का भी जोखिम उठा सकता है।…

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पानी रे पानी !

पटना का जलप्रलय प्राकृतिक या दैवी नहीं, मानव-निर्मित आपदा है। यह समस्या कमोबेश हर साल सामने आती है। शहरीकरण की आपाधापी में हम सबने प्रकृति के साथ सामंजस्य की अपनी प्राचीन कला भुला दी है। ऋतुचक्र है तो बारिश होगी ही। कभी कम और कभी ज्यादा। अतिवृष्टि की समस्या से निबटने के लिए पहले हर शहर और गांव में जलाशय और कुएं हुआ करते थे। बारिश के अतिरिक्त पानी को…

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नवरात्र : स्त्रीत्व का उत्सव

देवी दुर्गा की आराधना के नौ-दिवसीय आयोजन शारदीय नवरात्र का आरम्भ हो गया है। देवी दुर्गा के स्वरूप के संबंध में हमारे देश में अलग-अलग मान्यताएं हैं। पौराणिक साहित्य में उन्हें आदिशक्ति माना गया है। ऐसी दिव्य शक्ति जिसने कई बार असुर शक्ति के समक्ष कमजोर पड़े देवताओं की रक्षा की और असुरों का विनाश कर देवताओं के स्वर्ग को सुरक्षित किया। वे हिन्दुओं के शाक्त सम्प्रदाय की प्रमुख देवी…

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