ततैया बैरी खा गयी रे !

कल रात की सुबह मैंने सपना देखा । ततैया मेरे सपने में आई । सुबह के वक्त नींद नहीं तंद्रा होती है । इसलिए मैं जान गया कि यह सपना है । सपने में ततैया का आना अशुभ माना जाता है । सपना देखने वाले के दुर्दिन आ जाते हैं । मैंने ततैया को डपटते हुए कहा – “तुम्हें मेरे सपने में नहीं आना चाहिए । तुम अशुभ हो “।…

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चोट ।

आई पी सी के सेक्सन 44 के अनुसार किसी भी व्यक्ति के शरीर , मन , प्रतिष्ठा या सम्पति में किसी वजह से अवैध रुप से किया गया नुकसान चोट कहलाता है । आम तौर पर चोट से अभिप्राय शरीर और मन पर लगे आघात से लगाया जाता है । शरीर पर चोट लगती है । दर्द दिल को होता है । आघात दिल पर लगता है तो भी दिल…

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शराबबंदी अभियान के हीरो गुप्तेश्वर पांडेय बने बिहार के नए डीजीपी, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना

बिहार पुलिस के नए मुखिया के नाम की घोषणा कर दी गई है। गृह विभाग की जारी अधिसूचना के अनुसार गुप्तेश्वर पांडेय को बिहार का नया डीजीपी बनाया गया है। वे 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी  हैं और फिलहाल डीजी ट्रेनिंग के पद पर हैं।शराबबंदी अभियान के हीरो गुप्तेश्वर पांडेय को बिहार का नया डीजीपी बनाया गया है।पांडेय बिहार में विशेष और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए गुप्तेश्वर पांडेय को जाना…

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कोई सूरत नजर नहीं आती ।

जब गाड़ियों का हुजुम एक साथ खड़ा हो जाता है जो हरकत करने में असमर्थ होता है या मंथर गति से रेंगता है तो इस क्रिया को जाम लगना कहा जाता है । जाम दिन प्रतिदिन लगता है । आज की तारीख में कोई भी शहर इससे अछूता नहीं है । किसी भी शहर में अब कोई ऐसी सड़क नहीं बची है जिस पर गाड़ियां फर्राटे से दौड़ सकें ।…

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आई हिचकी , हिचकी आई ।

हिचकी आना आम बात है । जब आप मिर्च व मसालेदार युक्त भोजन करते हैं , कार्बोनेटेड पेय पीते हैं , शराब , सिगरेट , बीड़ी और हुक्के के मार्फत अपने अंदर निकोटिन इनहेल करते हैं तो हिचकी आती है । च्यूइंगम चबाने से भी हिचकी आती है । हिचकी का कोई असरदार उपचार अभी तक इजाद नहीं हुआ है । लेकिन कुछ घरेलू नुस्खें हैं जिनकी मदद से इस…

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छेराछेरा कोठी का धान ला हेर हेरा के ।

ऐसा कहा जाता है कि छत्तीस गढ़ के राजा कल्याण शाह को मुगल बादशाह अकबर ने शाहजादे सलीम को राज काज का ज्ञान देने के लिए दिल्ली बुलाया था । उन्हें वहां रहते तकरीबन आठ साल हो गये थे । जब कल्याण शाह दिल्ली से रतनपुर लौटे तो लोग उनकी आगवानी के लिए नगर के बाहर खड़े थे । राजा को प्रजा ने फूलों से लाद दिया । उनको बाजे…

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बाजत ताल पखावज बीना

मृदंग का इतिहास बहुत हीं प्राचीन है । कहते हैं कि इसकी रचना त्रिपुरासुर की खून सनी मिट्टी से स्वंय ब्रह्मा जी ने तैयार की थी । मृदंग मिट्टी का बना होने के कारण इसके टूटने का खतरा बहुत था । अमीर खुसरो भी अक्सर मृदंग बजाया करते थे । एक बार असावधानी वश यह टूट गया । अमीर खुसरो ने दोनों टुकड़ों से एक नया वाद्य बनाया । इस…

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प्रथमे ग्रासे मक्षिका पातः ।

चांद सी महबूबा हो …. सबका एक सपना होता था । जब मानव चांद पर पहुंचा तो उसे पता चला कि चांद तो केवल पत्थरों पहाड़ों से बना है । वहां हरियाली तो रंच मात्र भी नहीं है । उससे लाख गुना तो अच्छी हमारी पृथ्वी है , जो हरी भरी तो है । लाखों लोगों का चांद को लेकर सोचा सपना चूर चूर हो गया । बहुत शोर सुनते…

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समाजवाद के अग्रदूत – महाराज अग्रसेन .

आज से तकरीबन 5 हज़ार वर्ष पूर्व सूर्यवंशीय क्षत्रिय राम की वंश परम्परा के 34 वीं पीढ़ी में महाराज अग्रसेन का जन्म हुआ था । इनके पिता का नाम बल्लभसेन और माता का नाम भगवती था । ये ज्येष्ठ पुत्र थे । इसलिए महाराज बल्लभ सेन इनको सत्ता सौंप स्वयं वानप्रस्थी हो गए थे । नागराज की कन्या माधवी के स्वयम्बर में महाराज अग्रसेन भी आमन्त्रित थे ।माधवी के रूप…

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आखिर क्यों देखे फिल्म “मणिकर्णिका”……

कंगना राणावत की फ़िल्म “मणिकर्णिका”!  सच कहें तो ‘महारानी झाँसी’ जैसे चरित्र को परदे पर उतारना बड़ा कठिन कार्य है। धन्यवाद के पात्र हैं वे लोग जिन्होंने यह फ़िल्म बनाने की सोची। देखी जानी चाहिए यह फ़िल्म, ताकि समझ सकें हम अपने इतिहास को… मणिकर्णिका देखिये, ताकि आप जान सकें कि भारत की पवित्र भूमि ने कैसी-कैसी बेटियों को जन्म दिया है। मणिकर्णिका देखिये, ताकि भविष्य में जब कोई मूर्ख…

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