बज्रनाभ-कृष्ण के पौत्र

November 18, 2019

कृष्ण जरासन्ध के बार बार के आक्रमण से त्रस्त होकर ही मथुरा से अपनी राजधानी समुद्र में स्थित एक टापू पर ले गये थे। जगह का नाम था द्वारिका पुरी। अब द्वारिका पुरी पूरी तरह से सुरक्षित थी लेकिन कृष्ण जरासन्ध के वैर को भूल नहीं पाये थे। उन्होंने भीम व अर्जुन के साथ छद्म वेश में उसके राज्य में जाकर उसको मल्ल युद्ध के लिए ललकारा। जरासन्ध ने भीम…

Read More >>

गांधारी-अंधेरे में उजाले की तलाश

September 21, 2019

नौ बहनों में वह सबसे सुंदर थी। इसलिए पिता ने इसका नाम शुभा रखा था। पिता कहा करते थे वट में कमल खिला है। शुभा की सौन्दर्य की चर्चा पूरे आर्यावर्त में फैल गयी थी। दूर—दूर से राजा महाराजाओं के रिश्ते आने लगे थे। पिता ने पुरुषपुर (आज का पेशावर) के सुदर्शन राजकुमार को शुभा के लिए योग्य वर के रुप में चुना था। तभी सूचना मिली कि हस्तिनापुर से…

Read More >>

गोकुल रोया कृष्ण के लिए लेकिन नंद…?

August 26, 2019

कृष्ण गोकुल से जा चुके थे, और साथ ही गोकुल से जा चुका था आनंद। लोगों की हँसी जा चुकी थी, आपसी चुहल जा चुकी थी, पर्व-त्योहार-उत्सव जा चुके थे। गोकुल में यदि कुछ बचा था तो केवल सिसकियां और आह बची थी। पूरे गोकुल में एक ही व्यक्ति था जो सबकुछ सामान्य करने का प्रयत्न करता फिरता था, वे थे नंद। किसी ने उन्हें उदास नहीं देखा, किसी ने…

Read More >>