फिर नया साल

January 2, 2020

हर साल नए साल की आहट के साथ ऐसा हंगामा खड़ा होता है कि लगने लगता है, आने वाला साल कुछ खास होने वाला है। पिछले साल से कुछ बेहतर, कुछ सुंदर, कुछ ज्यादा मानवीय। दरअसल होता-वोता कुछ नहीं। इस साल भी नया कुछ नहीं होने वाला है। सब वही रहेगा-वही समाज, वही रहनुमा, वही सियासत, वही महंगाई, वही सांप्रदायिकता, वही हिन्दू-मुस्लिम, वही हिंदुस्तान-पाकिस्तान। हां, इस बेमतलब के हंगामे में…

Read More >>