छोटे गुनाह की बड़ी सज़ा

June 15, 2018

ख़बर है कि नीतीश जी एक बार फिर बिहार की शराबबंदी नीति की समीक्षा करने वाले हैं। जिस तरह राज्य के हजारों लोग महज़ शराब पीने की वजह से जेलों में सड़ रहे हैं, उसे देखते हुए इस समीक्षा की ज़रुरत महसूस भी की जा रही है। शराबबंदी बिहार सरकार का एक बेहतरीन फैसला था, लेकिन दुर्भाग्य से अति उत्साह में इसे बेहद ज़ाहिलाना तरीके से लागू किया गया। शराब…

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ख़ुदा ख़ैर करे !

May 19, 2018

क्या जम्मू और कश्मीर में आतंक का रास्ता अख्तियार कर अपने ही निर्दोष देशवासियों और सैनिकों का क़त्लेआम मचाने वाले आतंकी सचमुच मुसलमान हैं ? वे किसी भी अर्थ में मुसलमान नहीं हो सकते। फिर माहे रमज़ान का बहाना लेकर उन्हें एक महीने तक सैन्य कार्रवाई से छूट देने का क्या अर्थ है ? अगर आप उन्हें मुसलमान मानते हैं तो आप बहुत भोले हैं और पिछले अनुभवों से आपने…

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​हम क्यों करते हैं सरस्वती की पूजा ?

January 22, 2018

सरस्वती हिन्दू धर्म की तीन पौराणिक महानायिकाओं या तीन प्रमुख देवियों – लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती में से एक हैं। लक्ष्मी जहां धन, वैभव और ऐश्वर्य की और दुर्गा शक्ति की देवी है, सरस्वती को विद्या और कलाओं की अधिष्ठात्री देवी का दर्ज़ा हासिल है। देवी सरस्वती को शारदा, शतरूपा, वीणावादिनी, वीणापाणि, वाग्देवी, वागेश्वरी, भारती आदि कई नामों से भी पुकारा जाता है। वे शुक्लवर्ण, श्वेत वस्त्रधारिणी, वीणावादनतत्परा तथा श्वेतपद्मासना…

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क्या यहां से कोई रास्ता खुलता है ?

December 19, 2017

विपक्षियों के मोदी मैजिक के उतार के तमाम दावों के बावज़ूद गुजरात चुनाव के नतीजों से किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए। देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के हालात ऐसे ही रहे तो 2019 के चुनावों में भी देश में भाजपा की ही सरकार बनेगी। शान्ति, सौहार्द्र, जनकल्याण, धर्मनिरपेक्षता और विकास की बातें अब बेमानी हैं। मतों का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण आज राजनीति का सबसे कारगर अस्त्र है। लोकतंत्र की इस हालत…

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ये दिल न होता आवारा

September 26, 2017

हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता कहे जाने वाले देव आनंद ने अपनी ज्यादातर फिल्मों में जिस बेफिक्र, अल्हड, विद्रोही और रूमानी युवा का चरित्र जिया है, वह भारतीय सिनेमा का एकदम नया चेहरा और अलग अंदाज़ था। हिंदी सिनेमा की पहली त्रिमूर्ति में जहां दिलीप कुमार प्रेम की संजीदगी और पीड़ा के लिए तथा राज कपूर प्रेम के भोलेपन और सरलता के लिए जाने जाते थे, देव आनंद के हिस्से…

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कैसे हो, ईश्वर

September 25, 2017

हम अक्सर उदास और परेशान रहते हैं बावज़ूद इसके कि हमारे आसपास एक बड़ी दुनिया है , खूबसूरत प्रकृति है, नाते-रिश्ते हैं, सुख बढ़ाने और दुख बांटने वाले लोग हैं। आंखें खुली हों तो हर तरफ फैला प्रेम है, करुणा है, ममता है। क्या हमें कभी उसकी भी चिंता हुई जो इतनी बड़ी कायनात का रचेता और मालिक होने के बावज़ूद किसी अनंत आकाश में बिल्कुल अकेला है। या हमारे…

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पत्थर से दिल लगाया और दिल पे चोट खाई

September 24, 2017

यह संवेदनहीनता की इन्तेहा ही थी।बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में छेड़खानी की लगातार बढती घटनाओं और इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन की मूढ़ता और उदासीनता से परेशान विश्वविद्यालय की सैकड़ों लडकियां अपनी फ़रियाद सुनाने के लिए विश्वविद्यालय के गेट पर खड़ी दो दिनों के बनारस दौरे पर गए अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री मोदी की बाट जोहती रही। अपने साथ हुए अपमानजनक सलूक के विरोध में कुछ लड़कियों ने अपने…

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रामधारी सिंह दिनकर जयंती: चाहिए देवत्व,पर इस आग को धर दूं कहां मैं

September 23, 2017

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर हिंदी की छायावादोत्तर कवियों की पहली पीढ़ी के ऐसे कवि थे जिनकी कविताओ में एक ओर विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति का तेज है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं और प्रेम की इतनी कोमल अभिव्यक्ति जिसकी बारीकी पढ़ने वालों को सहसा स्तब्ध कर देती है। उन्होंने ‘कुरुक्षेत्र’, ‘हुंकार’, ‘रश्मिरथी’, ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ जैसी काव्य रचनाओं में एक तरफ जहां सामाजिक -आर्थिक असमानता और शोषण के खिलाफ…

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एक मुख्यमंत्री ऐसा भी !

September 22, 2017

1968 से 1972 के बीच तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री और इंदिरा गांधी की सरकार में दो साल केंद्रीय शहरी विकास मंत्री रहे स्व. भोला पासवान शास्त्री अपनी ईमानदारी, सादगी, और भलमनसाहत के लिए याद किए जाते हैं। वे बिहार के अकेले मुख्यमंत्री रहे हैं जो हमेशा पैदल ही अपने कार्यालय जाते थे। उनके पास कभी अपनी गाड़ी नहीं रही। उदारता ऐसी कि वेतन और भत्ते की ज्यादा रकम ज़रूरतमंदों…

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अल्लाह को प्यारा है मुहर्रम का महीना

September 22, 2017

इस्लामी वर्ष यानी हिजरी सन्‌ के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत हो चुकी है। इस महीने को इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शुमार किया जाता है। अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद ने इसे अल्लाह का महीना कहा है। इस पाक़ माह में रोज़ा रखने की अहमियत बयान करते हुए उन्होंने कहा है कि रमजान के अलावा सबसे अच्छे रोज़े वे होते हैं जो अल्लाह के महीने यानी मुहर्रम में…

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